कुंदन कुमार/पटना। बिहार विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों काफी गरमाया हुआ है। सदन के अंदर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ताजा विवाद अपराध के आंकड़ों और शराबबंदी की विफलता को लेकर शुरू हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों के विधायक आमने-सामने हैं।

​लखींद्र पासवान का पलटवार

​बिहार सरकार के मंत्री लखींद्र पासवान ने राजद विधायक भाई बीरेंद्र के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पासवान ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता अपराधियों पर होने वाली पुलिस की कार्रवाई को जानबूझकर जाति और धर्म का रंग देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में कानून का राज है और जहां भी कोई अप्रिय घटना होती है, प्रशासन त्वरित कार्रवाई करता है। मंत्री ने कहा कि जनता सब देख रही है और अनर्गल बयानबाजी करने वालों को सही समय पर करारा जवाब मिलेगा।

विपक्ष का तंज

​वहीं दूसरी ओर, शराबबंदी के मुद्दे पर राजद विधायक गौतम कृष्ण ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी भूत-प्रेत की तरह हो गई है जो कानूनन दिखती तो नहीं, लेकिन मिलती हर जगह है। गौतम कृष्ण ने जहरीली शराब से हो रही मौतों और धड़ल्ले से हो रही तस्करी पर चिंता जताते हुए सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में तस्कर इतने सक्रिय हैं?

​सत्ता पक्ष में भी उठने लगे सुर

​दिलचस्प बात यह है कि अब केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के कुछ नेता भी शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग करने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।