CG News : रायपुर. अर्जुन सिंह सद्भावना फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित अर्जुन सिंह की नीतिगत विरासत कार्यक्रम में कांग्रेस के देशभर के दिग्गज राजधानी रायपुर में जुटे. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रहे अर्जुन सिंह की नीतिगत विरासत पर इस कार्यक्रम में चर्चा हुई. ज्ञातव्य है कि अर्जुन सिंह की बेटी वीणा सिंह ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था. कार्यक्रम का थीम तेंदूपत्ता संग्राहकों को दिए अधिकार और आर्थिक स्वामित्व का आधार था.

सेमिनार में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पूर्व मंत्री गंगा पोटाई और पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव शामिल हुए.

वक्ताओं ने अर्जुन सिंह के उस दौर को याद किया जब तेंदूपत्ता संग्राहकों को बेहतर पारिश्रमिक और अधिकार दिलाने की पहल की गई थी. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिग्विजय सिंह ने कहा कि अर्जुन सिंह मेरे प्रेरणा स्त्रोत थे. मैं उनकी कैबिनेट में था. वे हर फैसला समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर लेते थे.

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अर्जुन सिंह कांग्रेस के सच्चे सिपाही थे. अविभाजित प्रदेश में सामाजिक न्याय दिलाने का काम अगर किसी मुख्यमंत्री ने किया, तो वह अर्जुन सिंह थे.

पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि अर्जुन सिंह ने श्रम करने वालों की पहचान और उनके योगदान का मूल्य समझा. उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता बिक्री की रॉयल्टी का हक दिलाया और उन्हें मालिक बनाया.

अर्जुन सिंह की कैबिनेट में मंत्री रहीं गंगा पोटाई ने कहा कि अर्जुन सिंह ने नीति और सिद्धांतों से प्रदेश को आगे बढ़ाया. उनके सिद्धांत आज भी हमें दिशा देते हैं.

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि मजदूर से मालिक तक का हक कांग्रेस ने दिया. तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता था, लेकिन उसे बीनने वालों को हक दिलाने का काम अर्जुन सिंह ने किया.

नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि हमें सौभाग्य मिला कि अर्जुन सिंह के साथ काम करने का अवसर मिला. उनका सामाजिक न्याय हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है.

कार्यक्रम में रिक्शा चालकों को “रिक्शा मालिक” बनाने की पहल का भी जिक्र हुआ. इसे श्रमिक सशक्तिकरण का उदाहरण बताते हुए नेताओं ने कहा कि आर्थिक स्वामित्व ही सामाजिक न्याय की असली बुनियाद है.

तेंदूपत्ता संग्राहकों को अधिकार देने की ऐतिहासिक पहल से लेकर श्रमिक वर्ग को संपत्ति का स्वामित्व दिलाने तक अर्जुन सिंह के किए गए कामों को कार्यक्रम में याद किया गया. इस सेमिनार का संदेश साफ था कि आर्थिक सशक्तिकरण के बिना सामाजिक न्याय अधूरा है.