वैदिक ज्योतिष में नव ग्रहों की चाल का जीवन पर प्रभाव पड़ता है. ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं. इस राशि परिवर्तन से शुभ और अशुभ योग बनते हैं. मंगल और चंद्रमा का मेल महालक्ष्मी राजयोग बनाता है. जब मंगल चंद्रमा को देखता है या दोनों केंद्र या त्रिकोण में होते हैं या दोनों एक साथ किसी भाव में आते हैं. तब महालक्ष्मी राजयोग बनता है. पंचांग के अनुसार 16 मार्च 2026 को मंगल और चंद्रमा एक शक्तिशाली महालक्ष्मी राजयोग बनाने जा रहे हैं. सहास, ऊर्जा के कारक मंगल 23 फरवरी 2026 से कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं. मंगल 22 अप्रैल तक इसी राशि में रहेंगे. 16 मार्च 2026 को शाम 6 बजकर 13 मिनट बजे मन के कारक चंद्रमा भी कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे.

यह स्थिति 16 मार्च 2026 से ढाई दिन तक रहेगी. मंगल और चंद्रमा के मिलन से महालक्ष्मी राजयोग सक्रिय होगा. महालक्ष्मी राजयोग को महाभाग्य योग भी कहते हैं. यह योग बहुत शुभ माना जाता है. इस दौरान अचानक धन और कम मेहनत में बड़ी सफलता मिलती है. धन लाभ के अवसर बनते हैं. देवी लक्ष्मी की कृपा रहती है. इस योग से इन राशियों को विशेष लाभ होने वाला है.
वृषभ राशि
यह राजयोग लाभदायक रहेगा. कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी. नया कारोबार शुरू कर सकते हैं. परिवार में सुख शांति रहेगी. धन में वृद्धि के संकेत हैं. विदेश से जुड़े काम सफल होंगे. बेरोजगारों को नौकरी मिल सकती है.
मकर राशि
महालक्ष्मी राजयोग धन भाव में बनेगा. रुका हुआ पैसा मिल सकता है. अटके कार्य पूरे होंगे. कारोबार में नई डील होने की संभावना बन रही है. नए ग्राहक जुड़ सकते हैं. इस अवधि में निवेश से लाभ संभव है.
मिथुन राशि
यह योग शुभ फल देगा. व्यापार में बढ़ोतरी होगी. साझेदारी से लाभ मिलेगा. आय के नए स्रोत बनेंगे. नौकरी बदलने का अवसर मिलेगा. आर्थिक योजना सफल होगी. इस दौरान भाग्य पूरा-पूरा साथ मिलेगा.
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