Lunar Eclipse 2026 : ज्योतिष में सूर्य के बाद चंद्रमा को सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है. मन, भावनाएं और मानसिक संतुलन पर इसका गहरा प्रभाव माना जाता है. चंद्रमा के बिना ज्योतिषीय गणनाएं अधूरी मानी जाती हैं. ऐसे में जब चंद्र ग्रहण होता है, तो इसे खगोल और धार्मिक दोनों दृष्टियों से खास घटना माना जाता है. साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार, 3 मार्च को लगेगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा. इसी कारण इसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है.

भारत में यह ग्रहण सीमित समय के लिए दिखाई देगा. सिक्किम और असम जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह लगभग 1 से 1:30 घंटे तक दिखेगा. मध्य भारत में करीब 30 मिनट और मुंबई क्षेत्र में 5 से 10 मिनट तक इसकी झलक देखने को मिलेगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल सुबह 6:23 बजे से शुरू होकर ग्रहण समाप्त होने तक रहेगा.
कुंडली में कमजोर चंद्रमा के संकेत
ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, तो व्यक्ति मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक उतार-चढ़ाव और नींद की समस्या से परेशान हो सकता है. निर्णय लेने में कठिनाई, तनाव या अवसाद जैसी स्थितियां भी देखने को मिल सकती हैं. स्वास्थ्य के स्तर पर सर्दी-जुकाम और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
चंद्र ग्रहण के दौरान किए जाने वाले उपाय
मान्यता है कि ग्रहण के समय कुछ विशेष उपाय करने से चंद्र दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है.
- ओम चंद्राय नमः मंत्र का जाप करें.
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें.
- चंद्रमा को जल अर्पित करें.
- दूध, चावल या सफेद वस्त्र का दान करें.
- देवी मां का आशीर्वाद लें.
- तांबे के बर्तन से पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं.
इसके अलावा, रोजाना केसर का तिलक लगाना, चांदी का छोटा चौकोर टुकड़ा पास रखना और रात में तांबे के बर्तन में पानी रखकर सुबह उसे पेड़ की जड़ में अर्पित करना भी शुभ माना जाता है.


