Chandra Grahan 2026 : 3 मार्च को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा. ग्रहण दोपहर 3 बजकर 19 मिनट 7 सेकेंड पर शुरू होगा. इसका मध्यकाल शाम 5 बजकर 03 मिनट 7 सेकेंड पर रहेगा और मोक्ष सायंकाल 6 बजकर 47 मिनट 6 सेकेंड पर होगा. कुल अवधि लगभग 3 घंटे 28 मिनट रहेगी. चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य होगा, इसलिए सूतक काल मान्य रहेगा, जो सुबह 6 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ माना जाएगा. यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा.

चंद्रमा को मन का कारक माना गया है, इसलिए चंद्र ग्रहण को भावनाओं, मानसिक स्थिति और पारिवारिक संबंधों से जोड़कर देखा जाता है. विशेष रूप से यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, जिससे लोगों के मन में इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल में शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए. मंदिर के कपाट बंद रखना, मूर्तियों को स्पर्श न करना और यात्रा टालना उचित माना गया है. हालांकि मानसिक जप और ध्यान को श्रेष्ठ बताया गया है. कई परिवारों में ग्रहण के दौरान भोजन में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा निभाई जाती है. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर घर में गंगाजल का छिड़काव करने की परंपरा भी प्रचलित है. यदि घर में कोई बीमार या वृद्ध है तो विवेक से काम लेना चाहिए.