मनेंद्र पटेल, दुर्ग। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती को लेकर सियासत तेज हो गई है। दुर्ग जिले के समोदा–झेंझरी गांव में करीब 5 से 6 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती का खुलासा होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 लाख से अधिक अफीम के पौधे जब्त किए हैं। मामले में भाजपा के पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया गया है। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद खेत में पहुंचे और भाजपा नेताओं पर सवाल खड़े किए।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में राजस्थान के रहने वाले दो लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें मनीष ठाकुर और विकास विश्नोई शामिल हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें राजस्थान भेजी गई हैं।

अफीम के पौधों को नष्ट करने कलेक्टर ने बनाई कमेटी
दुर्ग कलेक्टर अभीजित सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि करीब 8 करोड़ रुपये के अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। करीब 600 क्विंटल अफीम के पौधों को खेतों से उखाड़कर नष्ट किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय महिलाओं और पुलिस जवानों की मदद ली जा रही है, वहीं खेतों में ट्रैक्टर भी चलाए जा रहे हैं। अफीम के पौधों के नष्टीकरण के लिए आईजी दुर्ग अभिषेक शांडिल्य की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है।
विधानसभा में विपक्ष ने किया हंगामा
इधर, इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी आज जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की। हंगामे के बीच स्पीकर ने 31 विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही से निलंबित कर दिया। कांग्रेस इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच की जा रही है और इसमें शामिल सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

