दिल्ली सरकार राजधानी में पीएम एकता मॉल बनाने की तैयारी कर रही है। यह मॉल देशभर के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को एक ही जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जाएगा। इसका निर्माण वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत किया जाएगा। इस मॉल में दिल्ली समेत देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों के खास उत्पाद जैसे हस्तशिल्प, हथकरघा, पारंपरिक कपड़े, मसाले, खाद्य उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इससे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का मौका मिलेगा।

इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) ने मॉल के आर्किटेक्चरल डिजाइन तैयार करने के लिए अनुभवी सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सलाहकार मॉल की रूपरेखा, डिजाइन और सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत योजना तैयार करेगा। यह मॉल वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत विकसित किया जाएगा, जहां दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों और जिलों के पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जाएंगे।

जगह की तलाश की जा रही

अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल पीएम एकता मॉल के निर्माण के लिए उपयुक्त जगह की तलाश की जा रही है। इसके लिए राजधानी के कई प्रमुख इलाकों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें आईएनए मार्केट, मजनू का टीला और पीतमपुरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सरकार ऐसी लोकेशन चुनना चाहती है जहां पैदल आने-जाने वाले लोगों की संख्या अधिक हो और जो पर्यटन के लिहाज से भी आकर्षक हो। इससे मॉल में आने वाले पर्यटकों और खरीदारों की संख्या बढ़ेगी और देशभर के पारंपरिक उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सकेगा।

मॉल में क्या-क्या होगा खास?

अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में प्रस्तावित पीएम एकता मॉल में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कुल 36 अलग-अलग स्थान बनाए जाएंगे। यहां जीआई-टैग वाले उत्पाद, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के उत्पाद और विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक हस्तशिल्प सामान उपलब्ध होंगे। सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 100 करोड़ रुपये तक का बजट आवंटित कर सकती है। प्रस्तावित मॉल लगभग 1,200 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

मॉल को सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, शिखर सम्मेलनों और अन्य आयोजनों के लिए भी स्थान होगा। इसके अलावा आगंतुकों के लिए फूड कोर्ट और मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे यह जगह पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बन सके।

बजट आवंटित कर चुकी केंद्र सरकार

आपको बता दें कि केंद्र सरकार देशभर में पीएम एकता मॉल (यूनिटी मॉल) स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत अब तक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मॉल के निर्माण के लिए धन आवंटित किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023–24 में सभी राज्यों में यूनिटी मॉल बनाने के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये का बजट रखा था। इन मॉल का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।

इन मॉल को ‘विविधता में एकता’ की भावना के प्रतीक के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां भारत के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, कला, खानपान और पारंपरिक उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी। साथ ही यह पहल वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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