नाइजीरिया के मेदुगुरी में सोमवार रात आत्मघाती बम हमलों में 23 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए। संघर्षग्रस्त इस शहर में हाल के इतिहास में यह सबसे घातक हमलों में से एक है। बोर्नो राज्य की राजधानी में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तीन विस्फोटों की सूचना मिली, जिनमें एक प्रमुख बाजार और मेदुगुरी विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल का प्रवेश द्वार शामिल है।
बोको हराम जिहादी समूह पर संदेह
पुलिस प्रवक्ता नाहूम केनेथ दासो ने कहा कि किसी भी समूह ने अभी हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह बोको हराम जिहादी समूह पर है, जिसने 2009 में शरिया की अपनी कट्टरपंथी व्याख्या को लागू करने के लिए नाइजीरिया में विद्रोह शुरू किया था। तब से बोको हराम और भी मजबूत हो गया है, जिसमें हजारों लड़ाके और विभिन्न गुट शामिल हैं। इनमें इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रो¨वस भी शामिल है, जिसे आइसिस का समर्थन प्राप्त है।
बोको हराम की कहानी कैसे शुरू हुई?
इस सुन्नी जिहादी गुट का उभार उत्तरी नाइजीरिया में साल 2002 में हुआ. उत्तरी नाइजीरिया का ये इलाक़ा मुल्क का मुस्लिम आबादी बहुल क्षेत्र है. अफ्रीका के सबसे धनी देशों में से गिने जाने वाले नाइजीरिया का ये सबसे ग़रीब इलाक़ा है. बहुत से लोग बोको हराम के उभार को नाइजीरिया के भीतर दक्षिणी और उत्तरी इलाक़े के बीच की ग़ैरबराबरी से भी जोड़कर देखते हैं.
बताया जाता है कि मुस्लिम मौलवी मोहम्मद यूसुफ़ ने नाइजीरिया में शरिया क़ानून को मानने वाली सरकार के गठन के इरादे से ये संगठन बनाया था. बोको हराम इस्लाम के जिस स्वरूप को बढ़ावा देता है, उसमें मुसलमानों को वोटिंग या धर्मनिरपेक्ष शिक्षा जैसे पश्चिमी जीवन मूल्यों और शैली से प्रभावित किसी किस्म की राजनीतिक या सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने की मनाही है.
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