ईरान-इजराइल युद्ध के बीच स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को तगड़ा झटका देते हुए सैन्य हथियारों के निर्यात पर रोक लगा दी है. स्विस सरकार ने अपने न्यूट्रल रहने की नीति का हवाला देते हुए साफ किया कि जंग में शामिल देश को युद्ध सामग्री की आपूर्ति नहीं की जाएगी. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए यह बड़ी कूटनीतिक हार है क्योंकि अब अमेरिका को भविष्य में स्विस हथियारों के लिए कोई नया लाइसेंस नहीं मिलेगा.
स्विट्जरलैंड ने कहा कि कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर इजरायल और अमेरिका की ओर से किए गए हमले के बाद से यूएस को हथियार के निर्यात के लिए कोई नया लाइसेंस जारी नहीं किया गया है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को हथियारों के निर्यात पर रोक लगा दी. स्विट्जरलैंड ने राजनीतिक मतभेद में निष्पक्ष रहने का हवाला देते हुए कहा कि वे हथियार निर्यात को तब तक मंजूरी नहीं देंगे जब तक पश्चिम एशिया में जंग जारी है. इस कार्रवाई से अमेरिका को हथियारों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. स्विट्जरलैंड ने पहले भी अपनी तटस्थता के कारण इराक युद्ध के दौरान अमेरिका को हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था.
साल 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक पर हुए हमले के बाद, स्विट्जरलैंड ने स्विस हवाई क्षेत्र से होकर गुजरने वाली उड़ानों और युद्ध में शामिल देशों को हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. बाद में उसने इन प्रतिबंधों को हटा लिया. स्विट्जरलैंड सरकार ने एक बयान में कहा, ‘ईरान के साथ जंग में शामिल देशों को जंग के दौरान हथियार निर्यात का लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता. अमेरिका को भी फिलहाल युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार के निर्यात को मंजूरी नहीं दी जा सकती है.
स्विट्जरलैंड सरकार ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर इजरायल और अमेरिका की ओर से किए गए हमले के बाद से यूएस को हथियार के निर्यात के लिए कोई नया लाइसेंस जारी नहीं किया गया है. सरकार ने कहा कि डिफेंस सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट का ग्रुप अमेरिका को हथियार निर्यात से जुड़े घटनाक्रमों की समीक्षा करेगा.
स्विट्जरलैंड के इस फैसले का असर अमेरिका पर पड़ता नजर भी आ रहा है. डोनाल्ड ट्रंप मिडिया के सामने भले ही ये कह रहे हों कि वह ईरान में सेना को नहीं उतारेंगे, लेकिन 2,200 मरीन सैनिकों के साथ यूएसएस त्रिपोली वॉरशिप का मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ना कुछ और ही इशारा कर रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों से ये खुलासा हुआ है.
स्विट्जरलैंड ने साफ कर दिया है कि वह किसी ऐसी जंग का हिस्सा नहीं बनेगा जहां मानवता दांव पर हो. जब तक ईरान के साथ संघर्ष जारी रहेगा तब तक अमेरिका को एक भी नया हथियार लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा. ट्रंप की वॉर मशीन को स्विस सरकार ने बीच मझधार में खड़ा कर दिया है. अब देखना यह है कि दूसरों को प्रतिबंधों की धमकी देने वाले ट्रंप इस नो-वेपन डील पर क्या सफाई देते हैं.
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