बागेश्वर में 2.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. सुबह 4:56 बजे ये भूकंप हुआ. इसके झटकों से लोग घरों से बाहर निकलकर भागे. राहत की बात ये है कि इस घटना में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में 29.885 उत्तर अक्षांश और 80.016 पूर्व देशांतर पर स्थित रहा, जबकि इसकी गहराई पांच किमी बताई गई है.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के मुताबिक सभी तहसीलों से प्राप्त रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
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विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तराखंड में भूकंप ज्यादा आने का मुख्य कारण इसकी भौगोलिक स्थिति है. उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है. यहां भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकरा रही हैं, जिससे धरती के भीतर लगातार तनाव बनता रहता है. जब यह तनाव अचानक रिलीज होता है, तो भूकंप के रूप में झटके महसूस होते हैं. इसी वजह से उत्तराखंड को भूकंपीय जोन-IV और V में रखा गया है, जो उच्च जोखिम वाले क्षेत्र हैं.
राज्य में गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में सबसे ज्यादा भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. खास तौर पर चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पहाड़ी जिलों में भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है. इसके अलावा, पहाड़ी ढलानों पर बसी आबादी, कमजोर निर्माण और भूस्खलन की संभावना भूकंप का प्रभाव और भी बढ़ जाता है.
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