अमृतसर: आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत पार्टी नेताओं, विधायकों और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आह्वान किया। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर जवाबदेही तय करनी होगी और हर गांव की रोजाना निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।

संघर्ष से बनी है AAP: सिसोदिया

सभा में बोलते हुए सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी सत्ता या सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि संघर्ष और कुर्बानी से बनी है। उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने जंतर-मंतर पर लंबी भूख हड़ताल के दौरान इस आंदोलन की नींव रखी थी.

दिल्ली सरकार के अनुभव का हवाला

उन्होंने दिल्ली सरकार के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद कई चुनौतियां आईं, लेकिन सीमित शक्तियों के बावजूद सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी काम करके दिखाया गया, जिससे जनता का भरोसा मजबूत हुआ।

‘हम पर झूठे केस लगाए गए’

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ झूठे केस बनाए गए। उन्होंने कहा कि कथित शराब घोटाले के आंकड़े समय के साथ बदलते रहे और अंत में अदालत में कोई ठोस मामला साबित नहीं हो सका।

विधायकों को सख्त निर्देश

उन्होंने पार्टी विधायकों और स्थानीय नेतृत्व को सीधे संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी भी गांव या वार्ड में नशा बिक रहा है, तो संबंधित प्रतिनिधियों को जवाबदेह माना जाएगा। उन्होंने कहा कि नेताओं को खुद गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और जिम्मेदारी से बचना नहीं चाहिए।

मिशन मोड में चलेगा अभियान

सिसोदिया ने जानकारी दी कि 24 से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां गांव स्तर पर नशा मुक्ति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। हर क्षेत्र को यह बताना होगा कि वहां नशे की स्थिति क्या है और उसे खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

‘नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा’

उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी का कोई कार्यकर्ता भी नशा तस्करी में शामिल पाया जाता है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।

गोपनीय शिकायत प्रणाली की जानकारी

सिसोदिया ने बताया कि शिकायतों के लिए एक ऐसी ऐप बनाई गई है, जिसमें पूरी गोपनीयता बरती जाती है। शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रहती है और केवल कार्रवाई की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।

भावुक अपील और सख्त चेतावनी

उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि यह लड़ाई आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है। साथ ही पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी में नशा माफिया से लड़ने की हिम्मत नहीं है, तो उसे पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

आगे की रणनीति

उन्होंने कहा कि 31 मार्च के बाद वह खुद गांव-गांव की प्रगति का आकलन करेंगे। हर क्षेत्र को नशा मुक्ति की स्थिति और लक्ष्य तय करके रिपोर्ट देना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से पंजाब को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।