दिल्ली: पालम के राम चौक मार्केट स्थित चार मंजिला इमारत में बीते दिनों लगी भीषण आग की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। दमकल विभाग और फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट के अनुसार, इमारत के बेसमेंट और अन्य मंजिलों पर भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे, जिसने आग को तेजी से विकराल रूप देने में मदद की। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आग की वजह से इमारत का आने-जाने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया, जिसके कारण कश्यप परिवार के नौ सदस्य फंस गए और उनकी जान चली गई।

थिनर-परफ्यूम का भी था भंडारण

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इमारत में कपड़ों के साथ-साथ थिनर, परफ्यूम और अन्य केमिकल्स (नेल पॉलिश) का भंडारण किया गया था, जो अत्यधिक ज्वलनशील हैं। इन पदार्थों के कारण आग कुछ ही देर में पूरी इमारत में फैल गई। दमकल विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी और ज्वलनशील सामग्री के अनुचित भंडारण का परिणाम है। इमारत में आग लगते ही बचाव कार्य शुरू किया गया था, लेकिन तेजी से फैलती आग और मार्ग बंद होने के कारण कई लोग समय रहते सुरक्षित नहीं हो पाए।

बेसमेंट में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन

पुलिस और दमकल विभाग के सूत्रों के अनुसार, एफएसएल टीम ने घटनास्थल से सैंपल लेकर जांच की, जिसमें केमिकल्स के कारण आग फैलने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बेसमेंट में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था, और यही वजह थी कि आग खतरनाक ढंग से फैल गई। दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर इमारत में इस तरह के ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखे जाते, तो आग को जल्दी नियंत्रित किया जा सकता था। आग की वजह से इमारत का आने-जाने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया, जिससे कश्यप परिवार के नौ सदस्य अपनी जान गंवा बैठे।

अधिकारियों ने बताया कि इमारत मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है, और इलाके की अन्य व्यावसायिक इमारतों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

SDM रिपोर्ट सार्वजनिक करे सरकार : AAP

वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने पालम अग्निकांड को लेकर दिल्ली सरकार पर आरोप लगाए हैं। दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जांच एसडीएम को सौंपी गई थी, लेकिन रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि रिपोर्ट जारी कर सच्चाई सामने लाई जाए। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री पीड़ितों को ही दोषी ठहरा रहे हैं, जबकि घटनास्थल पर राहत कार्य में गंभीर लापरवाही हुई। उनका कहना था कि गली संकरी होने का दावा गलत है और दमकल की पर्याप्त गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंची थीं। उन्होंने सरकार से सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग करते हुए कहा कि इससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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