भागलपुर। जिले के मायागंज में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सड़क के बीचों-बीच खड़े बिजली के खंभे आम जनता के लिए काल बन रहे हैं। ताजा मामले में एक दंपति गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।
सड़क के बीच मौत का पोल: दंपति घायल
गुरुवार को खंजरपुर की ओर से मायागंज अस्पताल जा रहे एक बाइक सवार दंपति सड़क के बीच स्थित बिजली के खंभे से टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्ट्रीट लाइट के पोल की वजह से बाइक का संतुलन बिगड़ गया था। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को पास के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया। थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार ने बताया कि बाइक को जब्त कर लिया गया है और घायलों की शिनाख्त की जा रही है।
अंधेरे में और भी खतरनाक है यह ब्लैक स्पॉट
मायागंज अस्पताल पूर्वी बिहार का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र है। अस्पताल जाने वाली इस सड़क को वैकल्पिक बाईपास के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जहां से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। महज 100 मीटर के दायरे में सड़क के बीचों-बीच गड़े ये खंभे रात के समय अदृश्य हो जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा दोगुना हो जाता है।
छह महीने से जारी है हादसों का सिलसिला
स्थानीय निवासी गीता देवी और अन्य लोगों ने बताया कि पिछले छह महीनों में यहां कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। अब तक तीन ई-रिक्शा पलट चुके हैं और कई बाइक सवार चोटिल हुए हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता विभाग
हैरानी की बात यह है कि बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने फंड की उपलब्धता की बात तो स्वीकार की, लेकिन यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं कि कौन से खंभे हटाने हैं। विभाग की इस सुस्ती और तकनीकी उलझनों की कीमत आम जनता अपने खून से चुका रही है।
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