पटना। जिले में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिला प्रशासन और गैस एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बावजूद बैकलॉग (पेंडिंग बुकिंग) का आंकड़ा घटने के बजाय बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को जहां बैकलॉग 1,52,286 था, वहीं शुक्रवार को यह बढ़कर 1,53,713 तक पहुंच गया।
तड़के 4 बजे से कतारें
गैस की अनिश्चितता ने आम जनता को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। शहर के विभिन्न इलाकों में लोग सुबह 4 बजे से ही गैस गोदामों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लग रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर मिले ही डिलीवरी सक्सेसफुल का मैसेज आ रहा है। पटेल नगर की मालती देवी जैसे कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि डीएसी (DAC) नंबर साझा किए बिना ही उन्हें डिलीवरी का मैसेज प्राप्त हो गया, जिससे लोगों में धोखाधड़ी का डर बैठ गया है।
कंट्रोल रूम में शिकायतों का अंबार
जिला प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर पर शिकायतों की झड़ी लगी हुई है। शुक्रवार को ही 72 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे अब तक कुल शिकायतों का आंकड़ा 1,916 पर पहुंच गया है। लोग समय पर सिलेंडर न मिलने और वेंडरों की मनमानी से परेशान हैं।
मांग और आपूर्ति का असंतुलन
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को जिले भर में 34,018 सिलेंडरों का वितरण किया गया, जो गुरुवार (28,461) की तुलना में अधिक था। इसके बावजूद बैकलॉग कम नहीं हो रहा क्योंकि नई बुकिंग की संख्या वितरण की गति से कहीं अधिक है।
प्रशासन की अपील: पैनिक बुकिंग से बचें
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पुरानी बुकिंग को प्राथमिकता के आधार पर क्लियर किया जाए। साथ ही, उन्होंने जनता से अपील की है कि घबराहट में आकर अनावश्यक बुकिंग न करें, क्योंकि इससे वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है।
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