मुजफ्फरपुर। जिले के कुढ़नी प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के धैर्य का बांध बुधवार को टूट गया। कुढ़नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने पिछले आठ महीनों से बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी और तेज धूप की परवाह किए बिना, दोपहर एक बजे से ही कार्यकर्ता अस्पताल परिसर में डट गईं और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नेतृत्व और एकजुटता का प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व आशा संघ कुढ़नी प्रखंड की अध्यक्ष साधना तिवारी और उपाध्यक्ष पवित्री देवी ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान दे रही हैं, लेकिन प्रशासन उनके आर्थिक हितों की अनदेखी कर रहा है। 8 महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी मानदेय न मिलना उनके परिवारों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन गया है।
अधिकारियों को सौंपा मांग पत्र
प्रदर्शन के उपरांत आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित एक सामूहिक आवेदन चिकित्सा पदाधिकारी और ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (BCM) टप्पू गुप्ता को सौंपा। आवेदन में स्पष्ट रूप से लंबित मानदेय के तत्काल भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने दो टूक कहा कि उनकी मेहनत का फल उन्हें समय पर मिलना चाहिए।
प्रशासन का पक्ष और भविष्य की चेतावनी
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीसीएम टप्पू गुप्ता ने स्वीकार किया कि समस्या गंभीर है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मानदेय भुगतान का निर्णय उनके स्तर का नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि प्राप्त आवेदन को वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभाग को अग्रसारित किया जा रहा है ताकि समस्या का समाधान हो सके।
वहीं, आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यह प्रदर्शन महज एक शुरुआत है। यदि जल्द ही उनके बैंक खातों में बकाया राशि नहीं भेजी गई, तो वे काम ठप कर उग्र आंदोलन करने को विवश होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
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