महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. एनसीपी (अजित पवार गुट) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार बुधवार देर शाम दिल्ली पंहुंचीं हैं, जहां उनकी अहम बैठकों का दौर गुरुवार से शुरू होगा. बताया जा रहा है कि बारामती उपचुनाव को लेकर सुनेत्रा पवार को दिल्ली बुलाया गया है. बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के उपचुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. महाराष्ट्र की दो विधानसभा सीटों बारामती (पुणे) और राहुरी पर 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है।

महाराष्ट्र में दो सीटों पर उपचुनाव को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। सुनेत्रा पवार दिल्ली पहुँच चुकी, जहां वह पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर सकती हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. एनसीपी (अजित पवार गुट) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार बुधवार देर शाम दिल्ली पंहुंचीं हैं. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में अमित शाह समेत बीजेपी के शीर्ष नेताओं से सुनेत्रा पवार मुलाकात तय मानी जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में अमित शाह समेत बीजेपी के शीर्ष नेताओं से सुनेत्रा पवार मुलाकात तय मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि 6 अप्रैल को बारामती उपचुनाव के लिए सुनेत्रा पवार नामांकन दाखिल करेंगी. राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक चुनाव निर्विरोध करने को लेकर सुनेत्रा पवार की मुलाकात मल्लिकार्जुन खड़गे से भी हो सकती है. कहा जा रहा है कि विपक्षी दलों के प्रमुख भी उनके सामने प्रत्याशी नहीं उतारने का मन बना चुके हैं. विपक्षी दलों ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही खासकर बारामती को लेकर राजनीति गरमा गई है. एनसीपी (अजित पवार गुट) की ओर से यह मांग की जा रही है कि चुनाव निर्विरोध कराया जाए, ताकि दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी जा सके. महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हवाला देते हुए इस मांग को आगे बढ़ाया जा रहा है. इस मांग को एनसीपी (शरद पवार गुट) का भी समर्थन मिला है. हालांकि कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का कहना है कि अगर एनसीपी (शरद पवार गुट) इन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ती है, तो कांग्रेस चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है.

बारामती सीट हमेशा से पवार परिवार का गढ़ मानी जाती रही है. ऐसे में इस उपचुनाव पर पूरे राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नजरें टिकी हुई हैं. सुनेत्रा पवार की सक्रियता और दिल्ली दौरे से साफ है कि इस सीट को लेकर सियासी गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज होने वाली हैं.

जानकारी के अनुसार 6 अप्रैल को सुनेत्रा पवार नामांकन दाखिल करेंगी, जिससे पहले यह राजनीतिक कवायद और भी तेज होने की संभावना है। कुल मिलाकर, इन दोनों सीटों पर मुकाबला सिर्फ चुनावी नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और गठबंधन समीकरणों की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m