कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के साथ ही निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, नीतीश कुमार को अब जेड प्लस (Z+) कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह सुरक्षा घेरा उनके पास मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी निरंतर बना रहेगा।

​गृह विभाग का आदेश और राज्यसभा का सफर

​गृह विभाग ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। पत्र में उल्लेख है कि नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत यह सुरक्षा दी जा रही है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसी बदलाव को देखते हुए विभाग ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और भविष्य के लिए Z+ सुरक्षा सुनिश्चित की है।

​क्या है Z+ सुरक्षा की ताकत?

​भारत में सुरक्षा के विभिन्न स्तरों में Z+ को अत्यंत उच्च श्रेणी माना जाता है। इस सुरक्षा घेरे में कुल 36 जवान तैनात रहते हैं, जिनमें 10 से अधिक जांबाज NSG कमांडो शामिल होते हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस, ITBP या CRPF के जवान और एक एस्कॉर्ट वाहन भी उनके काफिले का हिस्सा रहता है।

​लोकतंत्र के चारों सदनों के नायक

​30 मार्च 2026 को नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उनका यह कदम ऐतिहासिक है। नीतीश कुमार अब उन चुनिंदा राजनेताओं की श्रेणी में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र के चारों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त किया है।