पटना। शहर के कंकड़बाग इलाके में शातिर चोरों ने एक अनोखे तरीके से बंद घरों को निशाना बनाया। पुलिस ने करीब 20 दिनों की मशक्कत के बाद इस गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया है। इनके पास से चोरी के आभूषण भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं।
दरवाजे पर पड़ा अखबार बना चोरी का सिग्नल
पकड़े गए चोरों ने कबूल किया है कि वे घरों की रेकी के लिए किसी आधुनिक तकनीक का नहीं, बल्कि अखबार का सहारा लेते थे। गिरोह के सदस्य कॉलोनियों में घूमकर यह देखते थे कि किस घर के दरवाजे पर दो-तीन दिनों से अखबार पड़ा हुआ है। अगर अखबार नहीं उठाया गया, तो वे समझ जाते थे कि घर खाली है। रिटायर्ड कर्नल जनार्दन प्रसाद के घर में भी इसी न्यूजपेपर ट्रिक के जरिए चोरी की गई थी।
एक करोड़ से अधिक की संपत्ति पर हाथ साफ
- 6 मार्च को कंकड़बाग की पीसी कॉलोनी में चोरों ने रिटायर्ड कर्नल और उनके दो किराएदारों (डॉ. अविनाश और अमित कुमार) के फ्लैटों के ताले तोड़े।
- डॉ. अविनाश: इनके फ्लैट से करीब 70 लाख के जेवर और 14 लाख रुपए कैश गायब थे।
- कर्नल और अमित: इनके घरों से भी लाखों का कीमती सामान और कैश चोरी हुआ। कर्नल साहब उस वक्त बेंगलुरु में थे, जबकि किराएदार अपने गांव गए हुए थे।
पूर्व मंत्री की बहन के घर भी डाला था डाका
यही गिरोह पूर्व मंत्री अशोक कुमार सिंह की बहन के घर हुई चोरी में भी शामिल था। वहां से चोरों ने 1.5 लाख कैश, 3 लाख के गहने और लाइसेंसी राइफल की गोलियां तक चुरा ली थीं। पुलिस के मुताबिक, इस घटना का मास्टरमाइंड भी गिरफ्त में आ चुका है।
सावधानी ही बचाव है
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि आप लंबे समय के लिए बाहर जा रहे हैं, तो हॉकर को अखबार बंद करने को कहें या किसी पड़ोसी से उसे हटाने का अनुरोध करें।
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