अमृतेश सिन्हा, मुंगेर। जिले में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयुक्त कार्यालय के पेशकार मुकेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी पेशकार जमीन से जुड़े एक मामले में पक्षकार से 1 लाख 70 हजार रुपये की घूस की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उसे घूस की रकम लेते हुए धर दबोचा।
आयुक्त कार्यालय में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में और लोगों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। वहीं इस कार्रवाई के बाद आयुक्त कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
सरकारी जमीन को सरकारी घोषित करने के लिए मांगी घूस
आरोप है कि सुनवाई के दौरान पेशकार मुकेश कुमार ने सरकारी जमीन को पुनः सरकारी घोषित कराने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की थी। वादी के अनुसार, पहले ही 3 लाख रुपये दिए जा चुके थे, जबकि गुरुवार को शेष 1.70 लाख रुपये देने पहुंचे थे। इससे पहले वादी ने पटना के निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और मुकेश कुमार को घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे अपने साथ पटना ले गई।
डीएसपी पवन कुमार का बयान
निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि, बेगूसराय जिले के पचवीर निवासी नंद किशोर प्रसाद सुमन ने निगरानी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके गांव के पास स्थित करीब 3 कट्ठा 4 धुर सरकारी जमीन, जो काजी हाउस के नाम से दर्ज है, फर्जी कागजात बनाकर कुछ लोग उसपर कब्जा करना चाहते हैं।
इस फैसले को पंचवीर पंचायत के पूर्व मुखिया नंदकिशोर प्रसाद ने पहले बलिया डीसीएलआर न्यायालय में चुनौती दी, लेकिन वहां भी आदेश उनके खिलाफ ही गया। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2025 में प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में मामला दायर किया था।
निगरानी थाने में दर्ज कराई थी शिकायत
आरोप है कि सुनवाई के दौरान पेशकार मुकेश कुमार ने सरकारी जमीन को पुनः सरकारी घोषित कराने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की। वादी के अनुसार, पहले ही 3 लाख रुपये दिए जा चुके थे, जबकि गुरुवार को शेष 1.70 लाख रुपये देने पहुंचे थे। इससे पहले नंदकिशोर प्रसाद ने पटना के निगरानी थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
निगरानी विभाग की इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाल में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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