रायपुर। रायपुर अधिवक्ता संघ के बहुप्रतीक्षित चुनाव को लेकर कोर्ट परिसर में सरगर्मी तेज हो गई है। गुरुवार को अध्यक्ष पद के लिए दो प्रमुख प्रत्याशियों होरी लाल चंद्राकर और कमलेश पांडे ने अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के साथ ही दोनों प्रत्याशियों ने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है, जिससे पूरे कोर्ट परिसर में चुनावी माहौल देखने को मिल रहा है।

नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद होरी लाल चंद्राकर ने अधिवक्ताओं के बीच सक्रिय प्रचार शुरू कर दिया। उन्होंने कोर्ट परिसर में टेबल-टू-टेबल संपर्क अभियान चलाते हुए अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और अपने समर्थन में मतदान करने की अपील की। उनकी सहज, सरल और मिलनसार छवि का उन्हें लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। करीब ढाई दशक से अधिक समय से वकालत के पेशे में सक्रिय होरी लाल चंद्राकर पहली बार अधिवक्ता संघ के चुनाव मैदान में उतरे हैं। नए चेहरे के रूप में उनकी एंट्री को कई युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सकारात्मक समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। कोर्ट परिसर में उनके प्रचार अभियान के दौरान अच्छा माहौल बनता नजर आया, जिससे उनके समर्थकों में उत्साह भी बढ़ा हुआ है।

वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष पद के दूसरे प्रत्याशी कमलेश पांडे अधिवक्ता संघ की राजनीति में पहले से सक्रिय रहे हैं और पूर्व में पदाधिकारी भी रह चुके हैं। हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के कारण भी गुरुवार को रायपुर कोर्ट परिसर में खासा उत्साह और भीड़ देखने को मिली। अधिवक्ताओं द्वारा परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और आगंतुकों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान चुनावी चर्चाएं भी जोरों पर रहीं और भंडारे के बीच भी चुनावी माहौल साफ नजर आया।

रायपुर अधिवक्ता संघ के 18 विभिन्न पदों के लिए इस बार चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत 17 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। गुरुवार को अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया, जबकि आधा दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं ने नामांकन फॉर्म खरीदे हैं, जिससे आने वाले दिनों में मुकाबला और रोचक होने की संभावना है।

इस बार के चुनाव में अधिवक्ता संघ के कई प्रतिष्ठित और अनुभवी वकील भी मैदान में उतर रहे हैं। इनमें कमलेश पांडे, आशीष सोनी, दिनेश देवांगन सहित कई पूर्व पदाधिकारी शामिल हैं, जो अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। रायपुर अधिवक्ता संघ चुनाव 2026 को लेकर कोर्ट परिसर में राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। आने वाले दिनों में नामांकन, प्रचार और रणनीतियों के साथ चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।