होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन में जल्द एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठक होने जा रही है, जिसमें करीब 40 देश हिस्सा लेंगे। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर चर्चा करना है। भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी इसमें शामिल होंगे। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के 20% ऑयल का ट्रांसपोर्ट होता है। जंग की वजह से जहाज इस रूट से नहीं गुजर पा रहे हैं, जिससे कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर से ज्यादा हो गए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन की तरफ से कई देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बातचीत के लिए बुलाया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है। भारत की तरफ से विदेश सचिव गुरुवार शाम इस बैठक में शामिल हुए।

भारत ईरान और वहां के दूसरे देशों के संपर्क में

रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम ईरान और वहां के दूसरे देशों के संपर्क में हैं, ताकि यह देख सकें कि हम अपने जहाजों के लिए बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित आवाजाही कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं। इन जहाजों में LPG, LNG और अन्य सामान ले जाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुई बातचीत के जरिए, हमारे छह भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार करने में कामयाब रहे हैं, और हम संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं।”

भारत खुले कमर्शियल शिपिंग, समुद्री सुरक्षा के पक्ष में

बहरीन प्रस्ताव पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “यह खास प्रस्ताव UN सुरक्षा परिषद में विचाराधीन है। हमें यह भी पता है कि संबंधित पक्ष यानी सुरक्षा परिषद के सदस्य – अभी इस खास मसौदे पर बातचीत कर रहे हैं।” जहां तक भारत की बात है, हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार स्वतंत्र और खुले कमर्शियल शिपिंग और समुद्री सुरक्षा के पक्ष में हैं। हम प्राथमिकता के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने की लगातार अपील करते रहे हैं। हम पश्चिम एशियाई संघर्ष से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। तो इस तरह हम बहरीन प्रस्ताव को देखते हैं।

वहीं, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव में आने वाला नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा। ईरान का कहना है कि यह रास्ता तभी खुलेगा जब उनकी शर्तें मानी जाएंगी।

ट्रम्प बोले- ईरान पर जीत हासिल की, उनकी सेना हमारे कंट्रोल में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा। ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है।

ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।

होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के प्रयास में ब्रिटेन जुटा

बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की राह निकालने और इसे दुनिया के लिए सुरक्षित बनाने की मुहिम के तहत ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 40 देश शामिल हुए जिनमें भारत भी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में बताया कि ब्रिटेन की ओर से भारत को भी एक खत मिला है और इसमें हमारी नुमाइंदगी भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री कर रहे हैं।

‘अमेरिका अब आपकी मदद के लिए नहीं आएगा’

बता दें कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपने रुख में बदलाव करते हुए अमेरिका के सहयोगियों को खुद अपने तेल का इंतजाम करने की सलाह दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘जिन देशों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के कारण जेट फ्यूल नहीं मिल पा रहा है, जैसे यूनाइटेड किंगडम, उनके लिए मेरा सुझाव है- पहला, अमेरिका से खरीदें, हमारे पास काफी है, और दूसरा, हिम्मत दिखाएं, वहां जाएं और खुद नियंत्रण लें। आपको खुद लड़ना सीखना होगा, अमेरिका अब आपकी मदद के लिए नहीं आएगा।’

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