Rajasthan SI Recruitment 2021 Cancelled: राजस्थान की सबसे चर्चित और विवादित सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 को लेकर शनिवार को हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें भर्ती को रद्द करने का आदेश दिया गया था। इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है जो फाइनल रिजल्ट के बाद नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।

छंटनी मुमकिन नहीं, इसलिए रद्द रहेगी भर्ती

दरअसल, हाई कोर्ट की खंडपीठ ने साफ माना कि इस परीक्षा में धांधली इस स्तर पर हुई है कि अब ईमानदार और बेईमान अभ्यर्थियों के बीच छंटनी करना संभव नहीं है। सूत्रों ने बताया कि कोर्ट ने माना है कि पेपर लीक और आरपीएससी (RPSC) सदस्यों की संलिप्तता ने पूरी परीक्षा की पवित्रता को खत्म कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने एकलपीठ द्वारा RPSC सदस्यों के खिलाफ लिए गए ‘स्वप्रेरित प्रसंज्ञान’ को तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया है।

859 पदों के लिए हुआ था पूरा खेल

गौरतलब है कि इस भर्ती का सफर 3 फरवरी 2021 को शुरू हुआ था। 859 सब इंस्पेक्टर के पदों के लिए करीब 7 लाख 97 हजार ने आवेदन किया, जिनमें से 3.80 लाख परीक्षा में बैठे थे। 20 हजार फिजिकल के लिए पास हुए और 3291 अभ्यर्थी इंटरव्यू तक पहुंचे थे।वहीं परीक्षा के दौरान ही धांधली के आरोप लगे, जिसमें RPSC सदस्य रामूराम राईका और बाबूलाल कटरा की गिरफ्तारी ने मामले को तूल दे दिया।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला

बता दें कि एकलपीठ ने जब 28 अगस्त 2025 को भर्ती रद्द की, तो चयनित अभ्यर्थी खंडपीठ चले गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट को 3 महीने में फैसला लेने का आदेश दिया था। आज हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में भारी खामियां थीं, जिसे सुधारना अब संभव नहीं है।

RPSC सदस्यों की खिंचाई

गौरतलब है कि कोर्ट ने एकलपीठ की उन टिप्पणियों को सही माना है जो आरपीएससी सदस्यों के आचरण के खिलाफ की गई थीं। जांच में एसओजी (SOG) ने पाया था कि भर्ती में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार की जड़ें फैली हुई थीं। इसी वजह से कोर्ट ने भर्ती को पूरी तरह रद्द रखने का कड़ा फैसला सुनाया।

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