Rajasthan News: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने नशीली दवाओं के सौदागरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। सीआईडी, राजस्थान पुलिस और बीएसएफ (BSF) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई 12 किलो हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है। इस हाई-प्रोफाइल तस्करी मामले में पुलिस ने मौके से 4 युवकों को गिरफ्तार किया है, जो माल की डिलीवरी लेने पहुंचे थे।

60 करोड़ का माल और पंजाब कनेक्शन

दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही इनपुट मिल गया था कि पाकिस्तानी तस्कर ड्रोन के जरिए नशे की खेप भारतीय सीमा में गिराने वाले हैं। गजसिंहपुर और रावला मंडी के सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी की गई थी। देर रात जैसे ही ड्रोन की आवाज सुनाई दी और पैकेट गिरे, टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। तलाशी लेने पर 4 पैकेट मिले, जिनमें कुल 12 किलो हेरोइन भरी थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पकड़े गए आरोपियों में से एक पंजाब का रहने वाला है, जबकि दो गजसिंहपुर और एक रावला मंडी का निवासी है।

कैसे काम करता है ये ड्रोन सिंडिकेट?

जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। पाकिस्तानी तस्कर जीपीएस लोकेटेड ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं। पंजाब और राजस्थान के स्थानीय तस्करों को लोकेशन शेयर की जाती है, जो अंधेरे का फायदा उठाकर खेत या सुनसान रास्तों से पैकेट उठाते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस खेप को आगे पंजाब के बड़े शहरों में सप्लाई किया जाना था।

नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

गौरतलब है कि सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन की बढ़ती सक्रियता स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पुलिस की इस मुस्तैदी से न केवल करोड़ों का नशा युवाओं तक पहुंचने से बचा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी के एक बड़े रूट का भी पर्दाफाश हुआ है। फिलहाल चारों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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