Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर से सनातन संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। सर्व ब्राह्मण महासभा की पहल पर पहली बार भगवान परशुराम की दिव्य प्रतिमा को ऑस्ट्रेलिया में स्थापित किया जाएगा। शनिवार को जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित नाहर के गणेश जी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ मूर्ति को विदाई दी गई।

वैदिक मंत्रोच्चार और महाआरती से गूंजा ब्रह्मपुरी

बता दें कि मूर्ति रवानगी से पहले मंदिर परिसर में गजब का उत्साह देखने को मिला। 11 विद्वान पंडितों ने शास्त्रोक्त विधि से पूजन कराया। दरअसल, संकष्टी चतुर्थी के पावन मौके पर विशेष महाआरती की गई और संतों के सानिध्य में मूर्ति को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्प वर्षा की और जय परशुराम के जयकारे लगाए।

एक महीने में तैयार हुई सवा दो फीट की दिव्य प्रतिमा

गौरतलब है कि इस दिव्य मूर्ति को जयपुर के ही कुशल कारीगरों ने करीब एक महीने की कड़ी मेहनत से तैयार किया है। सवा दो फीट ऊंची यह प्रतिमा जयपुर की बेजोड़ शिल्पकला का नमूना है। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के क्रेगीबर्न स्थित काली माता मंदिर में भगवान विराजेंगे। यह आयोजन परशुराम जयंती महोत्सव 2026 के तहत किया जा रहा है। महासभा का मानना है कि इससे भारतीय संस्कृति को ग्लोबल लेवल पर नई पहचान मिलेगी।

जमीनी स्तर पर उत्साह और असर

सर्व ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक मूर्ति की स्थापना नहीं, बल्कि सात समंदर पार सनातन की जड़ों को मजबूत करने का एक बड़ा कदम है। जयपुर के कारीगरों की कला अब ऑस्ट्रेलिया के भक्तों को दर्शन देगी।

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