देश की शीर्ष अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में विकास कार्यों के ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उनके रिश्तेदारों से कथित तौर पर जुड़े फर्मों को दिए जाने के मामले में सीबीआई जांच का आदेशदे दे दिया है. अदालत ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच दर्ज करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई प्रारंभिक जांच दर्ज करेगी. इसमें 11.2015 से 2025 तक के निर्णयों और निष्पादन को शामिल किया जाएगा. अजेंसी प्रतिवादी 4 से 6 को दिए गए निर्णयों की जांच करेगी. निर्धारित अवधि के बाहर के निर्णयों की जांच करने पर कोई रोक नहीं है.
राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करेगी, मुख्य सचिव सीबीआई के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और सीबीआई को समय पर रिकॉर्ड साझा करने का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे. सीबीआई 16 सप्ताह के भीतर इस संबंध में स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी कि क्या स्वतंत्र जांच आवश्यक है. जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ ने ये फैसला सुनाया. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक निर्माण कार्यों के विभिन्न ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के सदस्यों से जुड़ी कंपनियों को दिए गए.
बता दें कि, शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पिछले 10 वर्ष में अरुणाचल प्रदेश में लगभग 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके और कार्य आदेश मुख्यमंत्री खांडू के परिजन से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए. याचिकाकर्ता एनजीओ ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ और ‘वॉलंटरी अरुणाचल सेना’ की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे का हवाला देते हुए दलील दी कि कई ठेके मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को दिए गए.
क्या है आरोप ?
पिछले साल दो दिसंबर को उच्चतम न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार को मुख्यमंत्री के परिजन की कंपनियों को दिए गए ठेकों समेत 2015 से 2025 तक दिए गए सभी ठेकों के बारे में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था. इस जनहित याचिका (पीआईएल) में पेमा खांडू को पक्षकार बनाया गया है. पेमा खांडू के पिता दोरजी खांडू की दूसरी पत्नी रिंचिन ड्रेमा और उनके भतीजे त्सेरिंग ताशी को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है. दोरजी खांडू 2007 से लेकर अप्रैल 2011 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन होने तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे. याचिका में दावा किया गया है कि ड्रेमा की कंपनी ‘ब्रांड ईगल्स’ को हितों के स्पष्ट टकराव के बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी ठेके दिए गए.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

