Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत में इन दिनों तारीख और तिथि को लेकर बड़ा घमासान मचा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। जूली ने बीजेपी के इस कदम को दोगलापन करार देते हुए पूछा है कि जब राजस्थान दिवस हिंदू पंचांग से मनाया गया, तो पार्टी का जन्मदिन अंग्रेजी कैलेंडर से क्यों?

सिर्फ नैरेटिव सेट करने का खेल

टीकाराम जूली ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहती है। दरअसल, सरकार ने राजस्थान दिवस को हिंदू तिथि के हिसाब से मनाने का फैसला किया था, जिससे स्टेशनरी से लेकर सरकारी रिकॉर्ड तक में भारी बदलाव करना पड़ा। जूली ने तंज कसते हुए कहा, कितनी बड़ी विडंबना है कि अपनी बारी आई तो अंग्रेजी कैलेंडर याद आ गया, लेकिन प्रदेश के उत्सव के साथ प्रयोग किया गया।

जूली के वो 3 तीखे सवाल जिन्होंने बढ़ाई हलचल

जूली ने कहा बीजेपी के कितने नेता अपना खुद का जन्मदिन हिंदू पंचांग के हिसाब से मनाते हैं? जब खुद का बर्थडे अंग्रेजी तारीख से है, तो राजस्थान दिवस के साथ ऐसा प्रयोग क्यों? जूली ने पूछा कि क्या अब आने वाले समय में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस को भी तिथि के हिसाब से मनाने का तर्क दिया जाएगा? उन्होंने दावा किया कि जब राजस्थान दिवस तिथि के हिसाब से मनाया गया, तो खुद पीएम मोदी ने भी उस दिन बधाई नहीं दी थी।

विधानसभा में भी उठा था मुद्दा

बता दें कि जूली ने सदन में मुख्यमंत्री के सामने भी यह बात रखी थी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा था कि अगर आप इतने ही पक्के हैं, तो पीएम मोदी से कहकर पूरे देश में सभी राष्ट्रीय पर्वों को हिंदू पंचांग से मनाने का फैसला करवा दीजिए, ताकि देश में एकरूपता रहे। जूली का कहना है कि बाकी सभी राज्य अंग्रेजी कैलेंडर का पालन करते हैं, तो राजस्थान में यह अलग नियम सिर्फ राजनीति के लिए है।

टीकाराम जूली के इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या वाकई सरकारी कामकाज में पंचांग और कैलेंडर के इस फेरबदल से आम जनता को कोई फायदा है या यह सिर्फ कागजी खानापूर्ति है?

पढ़ें ये खबरें