IED BLAST : आशुतोष तिवारी, जगदलपुर. नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की सख्ती का असर दिखाने लगा है. इसी दबाव के बीच नक्सली बौखलाहट में लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. झारखंड के संवेदनशील सारंडा जंगल क्षेत्र में सोमवार सुबह एक बार फिर IED विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की. बालिबा गांव के पास चडरा डेरा जंगल में हुए ब्लास्ट में कोबरा 205 बटालियन का जवान अनुज कुमार घायल हो गया.
जानकारी के मुताबिक, जवान उस वक्त सर्च ऑपरेशन पर निकले थे, इसी दौरान जवान पहले से बिछाए गए विस्फोटक की चपेट में आ गया. यह हमला साफ तौर पर नक्सलियों की पूर्व नियोजित साजिश को दर्शाता है.
दरअसल, इस पूरे इलाके में इन दिनों सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन जारी है. माओवादियों के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा को घेरने के लिए फोर्स ने रणनीतिक तरीके से दबाव बढ़ाया है. इसी घेराबंदी से बचने और ऑपरेशन को कमजोर करने के लिए नक्सली अब IED जैसे घातक हथियारों का सहारा ले रहे हैं.
सुरक्षाबलों का सघन कॉम्बिंग अभियान (IED BLAST)
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है. घने जंगल में सघन कॉम्बिंग अभियान शुरू कर दिया गया है. हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि नक्सलियों की किसी भी अगली साजिश को नाकाम किया जा सके. सारंडा, जो पहले से ही देश के सबसे संवेदनशील नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता है, अब एक बार फिर बड़े ऑपरेशन और नक्सली चुनौती के केंद्र में आ गया है.
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