Rajasthan Drug Alert: राजस्थान में एक बार फिर नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ा हंटर चलाया है। हाल ही में हुए क्वालिटी टेस्ट में दो जरूरी दवाइयां मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। विभाग ने इन्हें नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी घोषित करते हुए प्रदेश भर में इनकी बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

इन दो दवाओं पर गिरी गाज
दरअसल, विभाग की जांच में जो दवाइयां फेल हुई हैं, उनमें एक एंटी-बैक्टीरियल है और दूसरी कैल्शियम की कमी पूरी करने वाली टैबलेट है। Cefpodoxine Proxetil Tablets IP (200 mg) एक एंटी-बैक्टीरियल दवा है, जिसका इस्तेमाल सांस संबंधी इन्फेक्शन के इलाज में होता है। इसका 6 अप्रैल 2026 वाला बैच फेल हुआ है। इसे मैसर्स वीएडीएसपी फार्मास्युटिकल लिमिटेड (हिमाचल प्रदेश) ने बनाया है।
Coral Calcium & Vitamin D3 Tablets कैल्शियम और विटामिन की दवा है। इसका 7 अप्रैल 2026 वाला बैच मानकों में फेल पाया गया है। इसे मैसर्स मास्कन लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है।
सूत्रों ने बताया कि औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों (CMHO) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों के मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी रखें। गौरतलब है कि इन दवाओं के संबंधित बैच को सप्लाई चेन से तुरंत हटाने को कहा गया है। विभाग अब इन कंपनियों की अन्य दवाओं के सैंपल भी मंगवा रहा है ताकि यह पता चल सके कि कहीं और भी गड़बड़ी तो नहीं है।
हिमाचल कनेक्शन की होगी जांच
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों दवाएं हिमाचल प्रदेश की कंपनियों से बनकर आई हैं। राजस्थान औषधि विभाग अब वहां के अधिकारियों से भी संपर्क साध रहा है। स्थानीय रिपोर्टर्स के मुताबिक, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के दवा बाजारों में सघन जांच शुरू कर दी गई है।
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