लखीमपुर-खीरी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र के वितरण और विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल अधिकार प्राप्त करने का आयोजन मात्र नहीं है, यह अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान तक की एक ऐतिहासिक यात्रा है. दशकों की अधूरी यात्रा आज इस पुनर्वास कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रही है और न्याय के अधिकार तथा आत्मसम्मान के साथ अपने पूर्णत्व तक पहुंचकर इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने वाले एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही है.

योगी ने कहा कि आज 4,356 थारू परिवारों को 5,338 हेक्टेयर भूमि का अधिकार प्राप्त हो रहा है. अब यह आपका मालिकाना अधिकार है, और आप अपने सपनों को एक नया पंख दे सकते हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश से वर्ष 1955 में विस्थापित 2,350 परिवारों को 4,251 हेक्टेयर भूमि का भौमिक अधिकार ‘डबल इंजन’ सरकार प्रदान कर रही है.

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सीएम योगी ने आगे कहा कि जब किसी परिवार को घर मिलता है, तो वह केवल एक मकान पाने की खुशी नहीं होती, बल्कि उस परिवार की सुरक्षा और सम्मान की स्थापना भी होती है. जब सुरक्षा और सम्मान साथ जुड़ते हैं, तो वे स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की एक नई कहानी लिखते हैं, यही सामाजिक न्याय है. हर बेघर के पास अपना घर हो, हर खेत तक पानी पहुंचे, और हर नौजवान के हाथ को काम मिले- यही किसी भी कल्याणकारी सरकार का दायित्व है. ‘डबल इंजन’ सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है.