गोविंद पटेल, कुशीनगर. जनपद के रामकोला थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक 20 वर्षीय युवती का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया, जबकि पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. मामले का खुलासा तो तब हुआ, जब युवती हिम्मत दिखाकर बदमाशों के चंगुल से छूटकर घर पहुंची. वहीं युवती ने जब मामले की शिकायत पुलिस से की तो योगी सरकार की होनहार पुलिस केस दर्ज करना भी सही नहीं समझा. इस घटना न सिर्फ प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोली है, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस और सुशासन की भी पोल खोलकर रख दी है.
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बता दें कि पूरा मामला घटना सिधावे कटकुईया गांव की है. 10 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे जब युवती घर से विजयपुर स्थित एक गारमेंट्स की दुकान पर काम करने जा रही थी. उसी दौरान रास्ते में पुल के पास पहले से घात लगाए बैठे बोलेरो सवार बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया और अयोध्या-फैजाबाद की दिशा में फरार हो गए. पीड़िता के अनुसार, अपहरणकर्ता रास्ते में कई बार गाड़ी रोककर शराब पीते रहे, लेकिन पुलिस कहीं नजर नहीं आई.
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इसी दौरान युवती ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए मौका पाकर बदमाशों के चंगुल से भाग निकली. वह किसी तरह लखनऊ जाने वाली बस में सवार हुई और वहां से ट्रेन पकड़कर गोरखपुर पहुंची. गोरखपुर में एक सब्जी विक्रेता के मोबाइल से युवती ने अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी. पीड़िता के पिता का आरोप है कि बेटी के घर नहीं लौटने पर उन्होंने रामकोला थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. यहां तक कि संदिग्ध कॉल की जानकारी देने के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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