पलारी। छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक अवसर पर सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया था, जिसके जवाब में लक्ष्मी वर्मा ने कहा, “यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण का संकल्प है। मैं संसद में पूरी ताकत से इसके पक्ष में आवाज उठाऊंगी।”

सीएम साय ने पत्र में कहा था कि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण को प्रभावी बनाना समय की मांग है। छत्तीसगढ़ में पहले से ही स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है और अब देश स्तर पर भी यह बदलाव जरूरी है। इस पर लक्ष्मी वर्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन प्रेरणादायक है। मैं गर्व से कहती हूं कि छत्तीसगढ़ ने महिलाओं को जो सम्मान दिया है, वह पूरे देश के लिए मिसाल है।”

अपने पत्र में लक्ष्मी वर्मा ने लिखा, “एक महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरे लिए यह गौरव का विषय है कि मेरा पहला संसदीय सत्र इस ऐतिहासिक विधेयक से जुड़ा है। मैं पूरी सक्रियता, गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनी भूमिका निभाऊंगी।” उन्होंने आगे कहा – “आइए, हम सभी मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें, जहां महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सशक्त भागीदारी मिले। यही सच्चे लोकतंत्र की कसौटी है।” गौरतलब है कि 16 अप्रैल को होने वाला संसद सत्र महिला आरक्षण को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है। लक्ष्मी वर्मा ने सीएम साय को विश्वास दिलाया है कि वह इस दिशा में हर संभव भूमिका निभाएंगी।