CM Rekha Gupta React On Delhi-Dehradun Expressway: देश की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे देश को समर्पित कर दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने इसे आधुनिकता और आध्यात्मिकता का मिलन बताया। रेखा गुप्ता ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं है। यह दिल्ली की आधुनिकता और उत्तराखंड की आध्यात्मिकता का सेतु है।

उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ दो राज्यों के बीच दूरी कम होगी, बल्कि लोगों के दिलों की नजदीकियां भी बढ़ेंगी। उद्यमियों को आर्थिक लाभ होगा और सफर के साथ व्यापार भी आसान होगा।

बता दें कि 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली से देहरादून का सफर घटकर ढाई घंटे रह जाएगा। उत्तर भारत में कनेक्टिविटी व विकास को नई रफ्तार मिलेगी। प्राकृतिक वादियों के बीच इस एक्सप्रेसवे पर सफर करना यात्रियों के लिए एक अलग की सखद का एहसास कराएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से उत्तराखंड की दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत के करीब 25 बड़े आर्थिक केंद्रों से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इस एक्सप्रेस-वे से सिर्फ दिल्ली-NCR या उत्तराखंड का सफर आसान नहीं होगा, बल्कि इससे उत्तर भारत के कई राज्यों की सड़क कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी, जिससे यात्रियों को एक राज्य से दूसरे राज्य और एक शहर से दूसरे शहर पहुंचने में आसानी होगी। माना जा रहा कि इस एक्सप्रेस-वे के उद्धघाटन से दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल की यात्रा पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेज, सरल और आरामदायक होगी।

यमुनापार में वर्षों से विकास की कमी

कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी, कमलजीत सहरावत, यमुनापार विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली समेत विधायक मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि यमुनापार क्षेत्र वर्षों से विकास की कमी महसूस कर रहा था और पिछली सरकारों ने इस इलाके की अनदेखी की। लंबे समय तक यमुनापार को पिछड़ा रखा गया, लेकिन अब उनकी सरकार ने हजारों करोड़ रुपये का बजट देकर विकास कार्यों को गति दी है। सभी विधायक पूरी मेहनत से क्षेत्र के विकास में जुटे हैं, लेकिन करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए आर्थिक कारिडोर बनेगा।

क्यों खास है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को देश के सबसे लंबे और अत्याधुनिक हाईवे प्रोजक्ट में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, इसे सबसे आधुनिक सड़क परियोजनाओं में गिना जाएगा। यह सिर्फ एक हाईवे नहीं, बल्कि एक एक्सेस-कंट्रोल्ड, मल्टी-लेन, ईको-फ्रेंडली कॉरिडोर है। इसके निर्माण में करीब 13,000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इस पर हर दिन करीब 20 से 30 हजार वाहन दौड़ेंगे।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे एक नजर में…

  • कुल लंबाई: लगभग 210–212 किमी
  • लेन: 6 लेन (8 तक विस्तार योग्य)
  • डिजाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा तक
  • यात्रा समय: 6–6.5 घंटे से घटकर 2.5 घंटे
  • प्रोजेक्ट की प्रगति:
  • मंजूरी: 2020 (इन-प्रिंसिपल अप्रूवल)
  • टेंडर जारी: 2021
  • शिलान्यास: दिसंबर 2021
  • उद्घाटन: 14 अप्रैल 2026

तीन प्रमुख सेक्शन

  • दिल्ली–ईपीई (ब्राउनफील्ड)
  • ईपीई–सहारनपुर (ग्रीनफील्ड)
  • सहारनपुर–देहरादून (ग्रीनफील्ड)

एक्सप्रेस वे की खासियत :

  • कुल अनुमानित लागत: 11,800 करोड़ – 13,000 करोड़ के बीच
  • अंडरपास: 113
  • रेलवे ओवरब्रिज: 5
  • एंट्री/एग्जिट पॉइंट: 16
  • सर्विस रोड: 76 किमी
  • बस शेल्टर: 62
  • वे-साइड सुविधाएं (फूड, टॉयलेट आदि): 12
  • एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: 12–14 किमी
  • डाटकाली टनल: लगभग 340 मीटर
  • कनेक्टविटी: दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, चारधाम हाईवे (हरिद्वार लिंक)

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