देश की राजधानी दिल्ली को ग्रीन और क्लीन बनाने की मुहिम अब और तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की सरकार राजधानी की सड़कों पर 150 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारने जा रही है, जिनकी लॉन्चिंग 17 अप्रैल को की जाएगी। इससे पहले भी सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर चुकी है। इसी साल फरवरी में 500 और मार्च में 300 इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल किया जा चुका है। अब नई 150 बसों के जुड़ने से दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और अधिक पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगा।

कुल बसों की संख्या हुई 6500

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) इस साल अब तक करीब 800 इलेक्ट्रिक बसों को अपने बेड़े में शामिल कर चुका है। नई बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में कुल बसों की संख्या बढ़कर लगभग 6,500 के आसपास पहुंच गई है। इससे न सिर्फ यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता भी पहले से अधिक सुलभ हो जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम करना और परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इलेक्ट्रिक बसें इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं, क्योंकि ये पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती हैं और ऊर्जा के अधिक कुशल उपयोग को बढ़ावा देती हैं।

फरवरी और मार्च में बसें हो चुकी लॉन्च

इससे पहले फरवरी में भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रामलीला मैदान से 500 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद मार्च महीने में 300 और इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की गईं, जिससे राजधानी की परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिली। अब 17 अप्रैल को 150 नई इलेक्ट्रिक बसों की लॉन्चिंग के साथ यह संख्या और बढ़ने जा रही है।

EV बसों से होंगे कई फायदे

अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते इलेक्ट्रिक बस बेड़े से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर का अनुभव भी मिलेगा। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के तहत शामिल की जा रही ये बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें बेहतर सीटिंग, कम शोर और स्मूद राइड जैसी खासियतें शामिल हैं। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

2028 तक 14000 बसें होंगी शामिल

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 इलेक्ट्रिक बसों की लॉन्चिंग के दौरान बड़ा लक्ष्य सामने रखा था। उन्होंने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की योजना वर्ष 2028 तक अपने कुल बस बेड़े को बढ़ाकर 14,000 करने की है। यह कदम राजधानी में बढ़ती परिवहन जरूरतों को पूरा करने और प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

सीएम गुप्ता के अनुसार, ये इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली की वायु गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही, ये शहर की बढ़ती परिवहन जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा करेंगी। उन्होंने बताया कि नई बसें पूरी तरह वातानुकूलित हैं और इनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन सहित कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इससे न केवल सफर आरामदायक होगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि दिल्ली और पानीपत के बीच तीन नई अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने इसे दूर-दराज के इलाकों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया। सीएम गुप्ता के मुताबिक, सरकार ने हाल ही में भारत टैक्सी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके जरिए परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम और व्यापक बनाने की योजना है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार जल्द ही नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति और ई-रिक्शा नीति लागू करने की तैयारी में है। इन नीतियों का उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना है।

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