Chardham Yatra 2026 Shri Shankaracharya Doli, चमोली. गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद अब केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने वाले हैं. जिसमें कल यानी 22 अप्रैल को बाबा केदारेश्वर महादेव के मंदिर के कपाट खुलेंगे. वहीं 23 अप्रैल को भगवान श्री बद्रीनाथ धाम (Shri Badrinath Dham) के कपाट खुलेंगे. इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसी कड़ी में मंगलवार को भगवान बद्री विशाल के शीतकालीन पूजा स्थल नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) में विशेष पूजा अर्चना की गई. जिसके बाद जगद्गुरु भगवान आदि शंकराचार्य जी की डोली अपने पहले पड़ाव के लिए रवाना हुई.

भगवान नृसिंह मंदिर में आज गरुड़ जी, लक्ष्मी जी, गणेश जी और जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी की प्राचीन और पवित्र गद्दी की पूजा संपन्न हुई. मंदिर प्रांगण में विधिवत पंच पूजा के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की प्राचीन गद्दी और विष्णु वाहन भगवान गरुड़ की डोली, पवित्र गाडू घड़ा भू बैकुंठ बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हुई.
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ये देव डोलियां पहले पड़ाव योग बद्री पांडुकेश्वर पहुंचेगी. यहां से बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होंगी. इससे पहले बीते शनिवार को ज्योर्तिमठ में तिमुंडिया वीर पूजन और गरूड़ छाड़ मेले में आगामी बदरीनाथ यात्रा के सफल शुभारंभ के लिए आशीष मांगा गया था. 22 अप्रैल को योग बद्री पांडुकेश्वर से उद्धव जी और कुबेर जी, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ बद्रीनाथ धाम पहुंचेंगे. जबकि, गरूड़ जी 21 अप्रैल को ज्योर्तिमठ से बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे. डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तेल कलश (गाडू घड़ा) के साथ ज्योतिर्मठ पहुंचे. तेल कलश 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगा. 23 अप्रैल की सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के खोल दिए जाएंगे.
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