दिल्ली में यात्रियों की राह आसान करने और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। ड्राफ्ट मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली (MPDD)-2047 में राजधानी में 3 प्रमुख स्थानों को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे सार्वजनिक परिवहन के अलग-अलग साधनों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
आनंद विहार-कड़कड़डूमा समेत 3 जगहों का चयन
ड्राफ्ट मास्टर प्लान के तहत आनंद विहार-कड़कड़डूमा, कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन-सराय काले खां को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इन केंद्रों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच आसानी से आवाजाही की सुविधा मिल सके। MMTH का मुख्य उद्देश्य एक ही परिसर में परिवहन के अलग-अलग साधनों को आपस में जोड़ना है। इसके तहत मेट्रो, बस, रेलवे, पैरा-ट्रांजिट और नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट को एकीकृत करने की योजना है। नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट में पैदल मार्ग और साइकिल जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
अलग-अलग हिस्सों को स्काईवॉक और सबवे से जोड़ा जाएगा
मास्टर प्लान के मुताबिक, अगर परिवहन एजेंसियों की जमीन के बीच रेलवे ट्रैक या सड़क जैसी बाधाएं हैं तो उन्हें स्काईवॉक, सबवे या पेडेस्ट्रियन ब्रिज के जरिए आपस में जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक परिवहन साधन से दूसरे तक पहुंचने में आसानी होगी और सड़क या रेलवे ट्रैक पार करने की परेशानी कम होगी।
मल्टीलेवल इंटरचेंज और रिटेल सुविधाएं
प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट हब में यात्रियों की सुविधा के लिए मल्टीलेवल इंटरचेंज फैसिलिटी विकसित की जाएगी। इसके अलावा रिटेल पोडियम और दुकानों जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। इन सुविधाओं से हब केवल परिवहन बदलने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि आसपास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और लोगों के सार्वजनिक मेलजोल के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
AI से होगा ट्रैफिक और यात्रियों का मैनेजमेंट
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए मास्टर प्लान में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) लागू करने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ AI आधारित ट्रैफिक और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की योजना है। इस तकनीक की मदद से अलग-अलग परिवहन साधनों से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा को एकीकृत किया जा सकेगा। इससे ट्रैफिक प्रबंधन, यात्रियों की आवाजाही और परिवहन सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के आसपास होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी ड्राफ्ट मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली (MPDD)-2047 में दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, MMTH के 500 मीटर के दायरे में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) प्रोजेक्ट्स को तभी मंजूरी दी जाएगी, जब वे हब की एकीकृत योजना के अनुरूप हों। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि MMTH के आसपास अलग-अलग एजेंसियों या डेवलपर्स की ओर से किए जाने वाले TOD प्रोजेक्ट्स को स्वतंत्र रूप से विकसित करने की अनुमति नहीं होगी। इन परियोजनाओं का डिजाइन और विकास प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समग्र योजना के साथ तालमेल में होना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हब के आसपास होने वाला विकास परिवहन व्यवस्था को मजबूत करे और यात्रियों की आवाजाही में बाधा न बने। फिलहाल आनंद विहार-कड़कड़डूमा, कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन-सराय काले खां को MMTH के लिए प्रमुख केंद्रों के तौर पर प्रस्तावित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में दिल्ली के अन्य व्यस्त और महत्वपूर्ण इलाकों की भी पहचान की जाएगी।
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