रेणु अग्रवाल, राजगढ़ (धार)। मालवा के सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में आज उस समय हंसी के फव्वारे छूट पड़े, जब बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंच पर लगे विशेष हाइड्रोलिक सिंहासन पर बैठकर चुटकी ली। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, “भैया, इस मशीन पर बैठकर हमें ये डर लग रहा था कि कहीं ये बीच में ही न रुक जाए। अगर मशीन अटक जाती तो न्यूज़ वाले खबर चलाते कि दुनिया का पर्चा खोलने वाले का खुद का पर्चा अटक गया।” उनके इस चुटीले अंदाज ने हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।

मोहनखेड़ा तीर्थ में जैन संतों से की भेंट

विशेष बात यह रही कि धीरेंद्र शास्त्री हेलीकॉप्टर (चिलगाड़ी) के बजाय इंदौर से सड़क मार्ग यानी कार द्वारा मोहनखेड़ा पहुंचे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि जो हेलीकॉप्टर ठीक से पंखा न चलाए,उससे हमें डर लगता है। तीर्थ में प्रवेश करते ही उन्होंने सबसे पहले भगवान आदिनाथ के चरणों में शीश नवाया और वहां मौजूद जैन साधु-साध्वियों से आत्मीय भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आदिनाथ प्रभु के दर्शन कर उनका मन अह्लादित हो गया है और यह पावन भूमि ऊर्जा का केंद्र है। मंच पर हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास जी महाराज, मलूक पीठ के आचार्य रोहित रिछारिया और बटुक जी महाराज सहित देशभर के अन्य संत भी शामिल हुए।

पाकिस्तान वाली टिप्पणी और भव्य स्वागत

मंच पर पहुँचते ही गुरुजी का स्वागत जोरदार आतिशबाजी से हुआ, जिस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि इतने पटाखे अगर बॉर्डर पर चला देते तो पाकिस्तान भी हिल जाता। कार्यक्रम में गायक बृजेश शांडिल्य और भजन गायक अमित धुर्वे की प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। गुरुजी ने क्षेत्र में गौ-सेवा की अलख जगाने वाले संत कमलकिशोर नागर जी महाराज का भी विशेष उल्लेख किया। इस दौरान 1500 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहे।  

मीडिया से चर्चा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा “आज हमें मोहनखेड़ा आने का सौभाग्य मिला। दादा दयालु जी और हनुमान जी के इस पावन क्षेत्र में स्थित जैन तीर्थ में हमने भगवान आदिनाथ ऋषभदेव जी के दर्शन किए और पूज्य संतों को प्रणाम किया। हम पूरे देश में सिर्फ एक ही बात चाहते हैं कि सनातनी आपस में ‘तनातनी’ न करें और आपस में बिल्कुल न लड़ें। संत भी एकजुट रहें और सनातनी भी एकजुट रहें।”

जैन और हिंदू दोनों एक ही हैं

उन्होंने आगे कहा कि अगर वास्तव में कोई कट्टर हिंदू है, तो वह जैन है। रही बात धर्मांतरण की, तो देश में लैंड जिहाद, लव जिहाद या लालच देकर किया जाने वाला मतांतरण नहीं होना चाहिए। इसके विरुद्ध हम लगातार अपनी कोशिशें कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से हम जगह-जगह कथाएं, भंडारा, शिक्षा और स्वास्थ्य के कार्य कर रहे हैं। साथ ही, आगामी 15 फरवरी को बागेश्वर धाम पर होने वाले विशाल कन्या विवाह महोत्सव के लिए भी हमने यहाँ आमंत्रण दिया है। हमारा संकल्प है कि भारत भव्य और दिव्य बनेगा।”

कार्यक्रम में अनुराधा पौडवाल ने भी अपनी टीम के साथ भजनों की प्रस्तुतियां दी। वहीं मोहनखेड़ा तीर्थ में शाम को सुप्रसिद्ध भजन गायिका अनुराधा पौडवाल ने भी अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दी।

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