Bihar News: सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को देवघर ट्रेजरी से जुड़े चारा घोटाला मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में राजद सुप्रीमो लालू यादव को मिली जमानत के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई फिलहाल टाल दिया है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख अब 22 अप्रैल तय की है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि, अभी दोनों पक्षों की दलीलें पूरी नहीं हो पाई हैं। कोर्ट ने यह भी बताया कि, इस मामले से जुड़े कई आरोपी अब काफी उम्रदराज हो चुके हैं, जिनकी उम्र 60 से 80 वर्ष के बीच है, जबकि कुछ आरोपियों का निधन भी हो चुका है। जिन मामलों में आरोपी की मृत्यु हो गई है, उन्हें बंद किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने दलील दी कि झारखंड हाई कोर्ट ने कथित रूप से कानून के प्रावधानों का सही तरीके से पालन किए बिना सजा को निलंबित कर दिया था। वहीं लालू यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि कुछ आरोपियों को अब तक नोटिस ही जारी नहीं किया गया है, इसलिए सुनवाई आगे बढ़ाना जरूरी है।

देवघर ट्रेजरी से जुड़े इस मामले में लालू यादव पर करीब 89 लाख रुपये के गबन का आरोप है। विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए साढ़े 3 साल की सजा सुनाई थी। सीबीआई का कहना है कि उस समय लालू यादव पशुपालन विभाग के प्रभारी थे और जांच में यह बात सामने आई थी कि उन्हें ट्रेजरी से हुए गबन की जानकारी थी। सीबीआई ने यह भी कि इस अपराध में अधिकतम 7 साल तक की सजा का प्रावधान है, जबकि निचली अदालत ने कम सजा दी।

यह मामला उस दौर का है जब झारखंड, बिहार का हिस्सा हुआ करता था। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 22 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा।

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