Bihar News: पटना सिविल कोर्ट से बिहार होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज के आईजी एम. सुनील नायक को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट में आज सोमवार को हुई अहम सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा मांगी गई ट्रांजिट रिमांड की अर्जी को रिफ्यूज कर दिया है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि, विधिसम्मत प्रक्रिया और पर्याप्त दस्तावेजों के बिना किसी अधिकारी को राज्य से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इसके साथ ही कोर्ट ने आंध्र पुलिस की तैयारी पर भी कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने सीधे ट्रांजिट रिमांड देने से इंकार करते हुए जो पुलिसकर्मी बिना वर्दी के कोर्ट में पहुंचे थे, उन्हें बैठा लिया। इनमें आंध्र प्रदेश के 3 पुलिसकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं।

​दरअसल यह पूरा विवाद साल 2021 का है, उस समय एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे और CID में अहम पद संभाल रहे थे। इस दौरान सुनील नायक ने वाईएसआरसीपी के तत्कालीन सांसद रघुराम कृष्ण राजू को हिरासत में लिया गया था, जिसे लेकर रघुराम कृष्ण राजू ने यह आरोप लगाया था कि गुंटूर के नगरपलम पुलिस स्टेशन और CID हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार और प्रताड़ना की गई।

इस संबंध में उन्होंने IG सुनील कुमार नायक के खिलाफ IPC की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज कराया था, उसी सिलसिले में आंध्र पुलिस ने पटना में कार्रवाई की है। आज सोमवार की सुबह प्रकाशम पुलिस उनके आवास पर पहुंची थी। इस दौरान वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। मिली जानकारी के अनुसार इससे पहले प्रकाशम पुलिस उन्हें कई बार बयान दर्ज कराने के लिए समन भेज चुकी थी, लेकिन नायक उपस्थित नहीं हो रहे थे।

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