रायपुर. छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि वर्ष 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी शैलेंद्र कुमार देशमुख खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 में राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए अल्पाइन स्कीइंग स्पर्धा में भाग लेने जा रहे हैं. यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता 22 से 26 फरवरी 2026 तक गुलमर्ग में आयोजित की जा रही है, जो देश के प्रमुख शीतकालीन खेल स्थलों में से एक है.

आयोजन एवं प्रतियोगिता विवरण

खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों के छठे संस्करण में देशभर से चयनित खिलाड़ी विभिन्न बर्फीली खेल स्पर्धाओं में भाग ले रहे हैं.  देशमुख 23 और 25 फरवरी 2026 को अल्पाइन स्कीइंग (Alpine Skiing) प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा करेंगे.

यह लगातार दूसरी बार है जब वे छत्तीसगढ़ की ओर से इस राष्ट्रीय मंच पर भाग ले रहे हैं. शीतकालीन खेलों में राज्य की निरंतर उपस्थिति स्वयं में एक संस्थागत उपलब्धि है, क्योंकि पारंपरिक रूप से छत्तीसगढ़ को शीतकालीन खेल राज्य के रूप में नहीं जाना जाता रहा है.

प्रशासनिक उत्कृष्टता और खेल अनुशासन का संतुलन

वर्तमान में देशमुख रायपुर स्थित राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (NACIN) में निदेशक के रूप में पदस्थ हैं. उनकी प्रशासनिक भूमिका में रणनीतिक योजना, जोखिम मूल्यांकन, संसाधन प्रबंधन और समयबद्ध निर्णय-निर्माण जैसे कौशल शामिल हैं, जो प्रतिस्पर्धात्मक खेलों, विशेषकर अल्पाइन स्कीइंग, में भी समान रूप से आवश्यक होते हैं.

अल्पाइन स्कीइंग में उच्च गति, संतुलन, तकनीकी सटीकता और मानसिक एकाग्रता की आवश्यकता होती है. सीमित प्रशिक्षण अवसंरचना वाले राज्य से आते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना उनकी प्रतिबद्धता और अनुशासन का प्रमाण है.

साहसिक खेलों के प्रति समर्पण

आईआरएस देशमुख केवल एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक बहुआयामी साहसिक खिलाड़ी भी हैं. वे प्रमाणित पर्वतारोही, प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर और लंबी दूरी के मोटरसाइकिल यात्री हैं. पर्वतारोहण अभियानों, समुद्री गोताखोरी और देशव्यापी मोटरसाइकिल यात्राओं के माध्यम से उन्होंने साहस, धैर्य और जोखिम-प्रबंधन की उत्कृष्ट क्षमता विकसित की है.

उनका मानना है कि साहसिक खेल व्यक्ति में आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय क्षमता और संकट-प्रबंधन की दक्षता विकसित करते हैं, जो प्रशासनिक नेतृत्व के लिए भी अनिवार्य गुण हैं.

शिक्षा और सामाजिक पृष्ठभूमि

शैलेंद्र कुमार देशमुख छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के निवासी हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक भी छत्तीसगढ़ से ही प्राप्त की है.

ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय प्रशासनिक सेवा में चयन और अब राष्ट्रीय खेल मंच तक पहुँचना उनकी बहुआयामी प्रतिभा का परिचायक है. उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि पृष्ठभूमि चाहे कोई भी हो, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है.

युवाओं के लिए प्रेरणा

शैलेंद्र देशमुख की भागीदारी छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी खेलों और शारीरिक उत्कृष्टता के लिए समय और समर्पण निकाला जा सकता है.राज्य सरकार, खेल विभाग और खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें खेलो इंडिया शीतकालीन खेल–2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की जाती हैं. उनकी सफलता राज्य की खेल पहचान को और सुदृढ़ करेगी और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय शीतकालीन खेल मानचित्र पर स्थापित करने में योगदान देगी.