Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत और गैंगस्टर कल्चर के प्रभाव पर गहरी चिंता जताते हुए प्रदेश में सख्त डिजिटल विनियमन लागू करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर राजस्थान को भी 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

मोबाइल की लत और गैंगस्टर कल्चर का खतरा

विधायक मनीष यादव ने सदन में तर्क दिया कि शिक्षा के नाम पर बच्चों के हाथ में आए मोबाइल का अब दुरुपयोग बढ़ गया है। सोशल मीडिया के अल्गोरिथम के कारण बच्चे अनजाने में हिंसा और हथियारों वाले कंटेंट की ओर खिंचे चले जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते संस्कार और तकनीक के बीच संतुलन नहीं बनाया गया, तो नई पीढ़ी मानसिक रूप से बीमार और अपराध की ओर अग्रसर हो सकती है।

वैश्विक और भारतीय राज्यों का उदाहरण

विधायक ने दुनिया भर के उदाहरण देते हुए बताया कि विकसित देश इस खतरे को समझ चुके हैं। उन्होंने कहा ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध है। चीन, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और इटली में भी इंटरनेट उपयोग पर कड़े नियम लागू हैं। कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य भी इस दिशा में कानून लाने पर विचार कर रहे हैं।

विधायक ने दिए सुझाव?

विधानसभा में मनीष यादव ने सरकार को केवल चिंता न करने बल्कि ठोस नीति बनाने के लिए 4 मुख्य सुझाव दिए उन्होंने कहा कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए विशेष डिजिटल नियम बने। रात के समय ऐप्स के लिए रात्रिकालीन ऑटो लॉक सिस्टम हो। सभी प्लेटफॉर्म पर सेफ मोड और अभिभावकों का नियंत्रण अनिवार्य होने के साथ डिजिटल लत (Digital Addiction) के लिए विशेष अनुसंधान केंद्र और हेल्पलाइन की व्यवस्था हो।

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