पटना। बिहार कांग्रेस के भीतर मची अंदरूनी कलह अब सड़कों पर आने वाली है। अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाली से नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आगामी 17 मार्च को पटना के बोरिंग रोड स्थित एक उत्सव हॉल में महासम्मेलन बुलाने का निर्णय लिया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य संगठन में व्याप्त अराजकता को खत्म करना और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के मार्ग को प्रशस्त करना है।

​स्लीपर सेल के खिलाफ जंग

​पूर्व AICC सदस्य आनंद माधव और पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने वर्तमान नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया है। नेताओं का आरोप है कि बिहार कांग्रेस इस समय सत्ता के दलालों के चंगुल में है, जो पार्टी को गर्त में ले जा रहे हैं। छत्रपति यादव ने स्पष्ट कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से पार्टी के भीतर मौजूद ‘स्लीपर सेल’ (पार्टी विरोधी तत्वों) को उजागर किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में धांधली और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के कारण पार्टी को नुकसान हो रहा है।

राहुल गांधी का रास्ता बिहार से होकर गुजरता है

नाराज गुट का मानना है कि 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बिहार में कांग्रेस को जीवित करना अनिवार्य है। आनंद माधव ने कहा कि वर्तमान में संगठन के नाम पर लूट मची है, सदस्यता शुल्क को 5 रुपये से बढ़ाकर सीधे 50 रुपये कर दिया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब सदन में मात्र 4 विधायक थे, तब भी कांग्रेस इतनी लाचार नहीं थी जितनी आज है।

​दिल्ली कूच की तैयारी

​नेताओं ने दावा किया कि महासम्मेलन के लिए 40 राजनैतिक जिलों का दौरा किया जा चुका है, जहां उन्हें व्यापक समर्थन मिला है। पटना में होने वाले इस कार्यक्रम के बाद यह गुट दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात करेगा और बिहार इकाई की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से उन्हें अवगत कराएगा।