दिल्ली के बाहरी इलाके में दिल्ली पुलिस की एक स्पेशल वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान फर्जी मेडिकल वीजा का इस्तेमाल कर भारत में अवैध रूप से रह रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद दिल्ली में रह रहे थे। उनके पास भारत में रहने के लिए वैध यात्रा दस्तावेज भी नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग बुल्गारिया के लिए मेडिकल वीजा हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश जाने की तैयारी की जा रही थी।
दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद इलाके में रह रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष सत्यापन अभियान चलाया। पुलिस को 6 मार्च को पीरागढ़ी चौक में उनकी मौजूदगी की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के दौरान संदिग्धों ने वेरिफिकेशन से बचने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।
पासपोर्ट और वीजा हो चुके थे एक्सपायर
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कोई भी व्यक्ति वैध पहचान पत्र या यात्रा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बाद में वेरिफिकेशन करने पर पता चला कि उनके पासपोर्ट और वीजा की वैधता समाप्त हो चुकी थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने और पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी 10 लोगों को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय को दे दी गई है और गिरफ्तार व्यक्तियों के डिपोर्ट (देश से वापस भेजने) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दिल्ली में 2 बंगलादेशी नागरिक गिरफ्तार
इसी कड़ी में पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार को दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा। उनकी पहचान दीप्तू कुमार पाल और रमा बेगम के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि दोनों बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो स्मार्टफोन और छह बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद किए।
उत्तराखंड से वापस भेजे गए, फिर से भारत में घुसे
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों बांग्लादेशी नागरिक पहले भी गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसपैठ कर चुके थे। उन्हें पहले उत्तराखंड से पकड़कर वापस भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा देश में प्रवेश करने में कामयाब हो गए। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फिर से अवैध गतिविधियों में शामिल हो गए और कथित तौर पर अन्य लोगों को भी भारत में गैर-कानूनी तरीके से रहने में मदद कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से दो स्मार्टफोन और छह बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान एक स्मार्टफोन में IMO नाम का प्रतिबंधित एप्लिकेशन भी मिला, जिसका इस्तेमाल आरोपी कथित तौर पर अपने गैर-कानूनी कामों के लिए करते थे।
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