कुंदन कुमार/पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर NDA का वर्चस्व कायम हुआ है। राज्यसभा की पांच सीटों पर हुए चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन ने सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया है। जीत के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया। बीजेपी नेता संजय सरावगी ने आधिकारिक तौर पर इस जीत की घोषणा की, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन अब राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं।

​वोटों का गणित और जीत का समीकरण

​चुनाव परिणामों के मुताबिक, नीतीश कुमार और नितिन नवीन को सर्वाधिक 44-44 वोट मिले। अन्य विजेताओं में रामनाथ ठाकुर (42 वोट), उपेंद्र कुशवाहा (42 वोट) और शिवेश राम (30 वोट) शामिल रहे। दूसरी ओर, विपक्ष की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त हो गई। RJD उम्मीदवार एडी सिंह को मात्र 41 वोट मिले, जो जीत के लिए पर्याप्त नहीं थे।

​कांग्रेस और RJD में ‘अपनों’ ने दिया झटका

​कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विधायकों को डरा-धमका कर वोटिंग से रोका गया। उन्होंने इसे भाजपा की पुरानी कार्यशैली करार दिया। आंकड़ों पर गौर करें तो तेजस्वी यादव और ओवैसी का गठबंधन संख्या बल में पिछड़ गया। महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग के लिए पहुंचे ही नहीं। RJD विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के सुरेंद्र कुशवाहा व मनोज विश्वास से पार्टी का संपर्क कटा रहा, जिसका सीधा फायदा NDA को मिला।

​विपक्षी एकता की निकली हवा

​शाम 4 बजे तक की समय सीमा समाप्त होने तक विपक्ष अपने विधायकों को एकजुट नहीं कर पाया। जहां NDA के 202 विधायक चट्टानी एकता के साथ खड़े दिखे, वहीं कांग्रेस और RJD की आंतरिक फूट ने खेल बिगाड़ दिया। इस जीत के साथ ही बिहार में सत्ता पक्ष का पलड़ा एक बार फिर भारी साबित हुआ है।