Bastar News Update : जगदलपुर। बस्तर की प्रतिभाएं अब स्थानीय मंच तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इसी सोच के साथ शिक्षा प्रकाश पुंज संस्थान ने टैलेंट हंट आयोजित किया। गायन, नृत्य, मॉडलिंग और अभिनय में युवाओं ने दमदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभाओं का आकलन किया। आत्मविश्वास और प्रस्तुति के आधार पर 40 से ज्यादा युवाओं का चयन हुआ। इन चयनित प्रतिभाओं को अब मुंबई में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। संस्थान ने सिर्फ मंच ही नहीं, बल्कि आगे की मार्गदर्शन व्यवस्था भी की है।

संस्थान प्रमुख ने कहा—बस्तर में प्रतिभा की कमी नहीं, मंच की जरूरत है। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और कला क्षेत्र के 80 लोगों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने युवाओं में नई उम्मीद और दिशा दोनों जगाई है। विजेताओं में मिस बस्तर, मिस्टर जगदलपुर सहित कई प्रतिभाएं शामिल रहीं। बस्तर के युवाओं का यह आत्मविश्वास अब बड़े मंच पर नजर आएगा।
बोर्ड मूल्यांकन में सख्ती, अब मोबाइल भी रहेगा दूर
जगदलपुर। बोर्ड परीक्षा के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता पर जोर है। जगदलपुर के बस्तर हाईस्कूल में मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
शुरुआत से पहले शिक्षकों को नियमों और सावधानियों की विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। अब मूल्यांकन के दौरान मोबाइल और स्मार्ट गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। शिक्षकों को रोजाना कम से कम 40 उत्तर पुस्तिकाएं जांचना अनिवार्य किया गया है। दो पालियों में मूल्यांकन होगा, बीच में आधे घंटे का ब्रेक मिलेगा। पहले दिन शिक्षकों को 5-5 कॉपियों से प्रक्रिया की शुरुआत कराई गई। करीब 1.25 लाख कॉपियों का मूल्यांकन 9 अप्रैल तक पूरा करना लक्ष्य है। पहली खेप में 65 हजार कॉपियां स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं। बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी सख्ती से रोक लगाई गई है। इस बार शिक्षकों की ड्यूटी रद्द करने का अधिकार स्थानीय स्तर पर नहीं है। प्रशासन का फोकस—समयबद्ध और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।
कैंसर से बचाव की पहल, किशोरियों को मिला मुफ्त सुरक्षा कवच
जगदलपुर। बस्तर में अब स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने एचपीवी टीकाकरण शुरू हुआ। जिला अस्पताल में अभियान की शुरुआत के साथ ही टीके लगाए गए। 14 से 15 वर्ष की करीब 9500 किशोरियों को यह वैक्सीन दी जाएगी। यह वही टीका है जो बाजार में महंगा होता है, लेकिन यहां मुफ्त दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे सभी ब्लॉकों तक पहुंचाने की तैयारी कर ली है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह टीका कैंसर के खतरे को काफी कम करता है। पिछले वर्षों में इस बीमारी से कई महिलाओं की जान जा चुकी है। अधिकारियों ने कहा समय पर टीकाकरण ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। अभियान स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी चलाया जाएगा। लक्ष्य है कि कोई भी किशोरी इस सुरक्षा से वंचित न रहे। यह पहल बस्तर में महिला स्वास्थ्य को लेकर नई उम्मीद बनकर उभरी है।
अफवाह से राहत तक, फिर पटरी पर लौटी गैस डिलीवरी
बस्तर। गैस संकट की अफवाहों ने शहर में चिंता का माहौल बना दिया था। लोग सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे थे। लेकिन अब राहत की खबर सामने आई है। सोमवार से होम डिलीवरी सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। डिलीवरी वाहन मोहल्लों में पहुंचे तो लोगों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन ने साफ किया किसी तरह की कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करने को कहा गया है। अफवाहों ने ही स्थिति को ज्यादा बिगाड़ा था। अब सप्लाई सामान्य होने से हालात नियंत्रण में हैं। यह घटना बताती है कि गलत जानकारी कैसे संकट खड़ा कर सकती है। प्रशासन सतर्क है और सप्लाई को नियमित बनाए रखने पर जोर है।
आस्था की अनोखी परंपरा, जहां आज तक नहीं जला तेल का दीप
बस्तर। मां दंतेश्वरी मंदिर अपनी परंपराओं के लिए अलग पहचान रखता है। यहां गर्भगृह में आज तक कभी तेल का दीपक नहीं जलाया गया। सदियों से केवल घी की ज्योत जलाने की परंपरा निभाई जा रही है। मान्यता है कि घी का दीपक वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाता है। मंदिर का निर्माण राजशाही काल में हुआ और परंपरा आज भी कायम है। पुजारियों के अनुसार तेल से कालिख और प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए गर्भगृह में सख्ती से घी की ज्योत ही जलाई जाती है। मंदिर में दंतेश्वरी देवी के साथ अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा होती है। ज्योति कलश भवन में श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था है। यहां घी और तेल दोनों प्रकार के दीप जलाए जाते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग से अब दूर-दराज के भक्त भी जुड़ रहे हैं। यह परंपरा बस्तर की आस्था और विरासत का अनोखा उदाहरण है।
कभी नक्सल गढ़, अब विकास की नई तस्वीर
सुकमा। सुकमा के गोगुंडा क्षेत्र में अब बदलाव की बयार नजर आ रही है। जो इलाका कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, वहां अब विकास पहुंच रहा है। सीआरपीएफ ने सिविक एक्शन प्रोग्राम के जरिए ग्रामीणों से संवाद बढ़ाया। ग्रामीणों को दैनिक उपयोग के सामान वितरित किए गए। मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य जांच और दवाइयां भी दी गईं। बच्चों और युवाओं को खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई। सोलर लाइट, कंबल और जरूरी वस्तुएं भी बांटी गईं। इससे ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के प्रति भरोसा बढ़ा है। मूलभूत सुविधाओं की पहुंच धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विकास और विश्वास दोनों को बढ़ाना है। अब यह क्षेत्र मुख्यधारा से जुड़ता नजर आ रहा है। सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक पहल भी असर दिखा रही है।
पशु स्वास्थ्य पर फोकस, गांव-गांव पहुंची चिकित्सा सेवा
बस्तर। राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर बस्तर में पशु चिकित्सा शिविर लगाए गए।गांव-गांव में पशुपालकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। पशुओं के टीकाकरण और देखभाल की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बीमारियों की पहचान और रोकथाम के उपाय समझाए। पोषण और नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में पशुपालक पहुंचे। लोगों ने अपने पशुओं की समस्याओं पर विशेषज्ञों से सलाह ली। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम है। पशुधन की सुरक्षा सीधे किसानों की आय से जुड़ी होती है। सरकार का फोकस अब पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। जागरूकता के साथ इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
बसों में सुरक्षा से खिलवाड़, यात्रियों की जान जोखिम में
जगदलपुर। गर्मी बढ़ते ही वाहनों में आग लगने का खतरा भी बढ़ गया है। लेकिन इंटरसिटी बसों में सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिले की कई बसों में फायर एक्सटिंग्विशर तक मौजूद नहीं है। जबकि नियमों के अनुसार यह अनिवार्य है। कई चालक-परिचालकों को इसके उपयोग की जानकारी भी नहीं है। हर दिन हजारों यात्री इन बसों से सफर करते हैं। ऐसे में छोटी चिंगारी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। जांच में कई बसों पर कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया गया है। परिवहन विभाग ने सख्ती के संकेत दिए हैं। फ्लाइंग टीम को जांच के लिए सक्रिय किया गया है। जरूरत है कि सभी बसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए जाएं। यात्रियों की सुरक्षा से समझौता अब भारी पड़ सकता है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

