नई दिल्ली: दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर फैल रही खबरों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि राजधानी में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल एलपीजी का आवंटन 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। मंत्री के अनुसार, यह फैसला केंद्र सरकार के निर्देश पर लिया गया है, ताकि बाजार में सप्लाई सुचारु बनी रहे और किसी तरह की कमी की स्थिति न बने।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि राजधानी में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार कमर्शियल LPG का आवंटन 20% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। पहले 1800 सिलेंडर(19 किलो) प्रतिदिन अब 4500 सिलेंडर (19 किलो) प्रतिदिन सरकार के अनुसार, यह बढ़ी हुई सप्लाई तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। इस फैसले से जरूरी सेवाओं होटल और रेस्टोरेंट उद्योग प्रवासी मजदूरों की जरूरतें बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकेंगी।
कमर्शियल गैस की सप्लाई में दिक्कत नहीं
नई व्यवस्था के तहत LPG वितरण को 7 प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनके लिए कुल 4500 सिलेंडर प्रतिदिन तय किए गए हैं। इससे जरूरी सेवाओं, होटल, उद्योग और अन्य क्षेत्रों की जरूरतें बिना बाधा पूरी होंगी। मंत्री सिरसा ने नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि समय पर लिए गए इस फैसले से दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं होगी।
किस सेक्टर को कितना आवंटन?
नई व्यवस्था के तहत कुल 4500 सिलेंडर प्रतिदिन को अलग-अलग सेक्टर में इस तरह बांटा गया है. स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे, एयरपोर्ट – 225 सिलेंडर (5%)
सरकारी संस्थान, पीएसयू, औद्योगिक कैंटीन, कम्युनिटी किचन – 225 सिलेंडर (5%)
होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी – 3375 सिलेंडर (75%)
कैटरिंग और बैंक्वेट – 225 सिलेंडर (5%)
छोटे उद्योग (ड्राई क्लीनिंग, पैकिंग, फार्मा) – 45 सिलेंडर (1%)
खेल सुविधा, स्टेडियम आदि – 225 सिलेंडर (5%)
प्रवासी मजदूर (5 किलो सिलेंडर) – 684 सिलेंडर (4%)
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वितरण केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार किया जा रहा है, जिसमें पिछले तीन महीनों की औसत खपत को आधार बनाया गया है और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए वेट्स एंड मेजर्स और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की 70 संयुक्त टीमें तैनात की हैं, जो पूरे दिल्ली में लगातार जांच कर रही हैं। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 , एलपीजी वितरण आदेश, 2000 , भारतीय न्याय संहिता, 2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री सिरसा ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और उन्हें न फैलाएं।
सभी नियमों का पालन किया जाएगा
मंत्री सिरसा ने बताया कि विभाग सप्लायर्स और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के साथ लगातार संपर्क में है। IGL हर हफ्ते पीएनजी प्रगति रिपोर्ट दे रहा है, जिससे सप्लाई की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की समस्या नहीं होगी और सभी नियमों का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने रेखा गुप्ता के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार हर सेक्टर तक चाहे जरूरी सेवाएं हों, उद्योग हों या प्रवासी मजदूर बिना रुकावट LPG पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और उन्हें न फैलाएं।
PNG कनेक्शन पर दिल्ली सरकार का बड़ा कदम
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए ईंधन सप्लाई पर संभावित असर की आशंका के बीच सरकार अब LPG के विकल्प के रूप में पाइप्ड PNG गैस कनेक्शन को बढ़ावा दे रही है। इस दिशा में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ा कदम उठाते हुए PNG रोलआउट को तेज करने के लिए रोड रेस्टोरेशन चार्ज माफ कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग LPG से PNG की ओर शिफ्ट होंगे, जिससे गैस सप्लाई सिस्टम पर दबाव कम होगा और भविष्य में किसी संकट की स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।
रोड रेस्टोरेशन चार्ज भी माफ
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि PNG पाइपलाइन बिछाने के लिए रोड कटिंग की अनुमति 24 घंटे के अंदर दी जाएगी। 30 जून तक चार्ज माफ PWD ने PNG नेटवर्क के तेजी से विस्तार के लिए रोड रेस्टोरेशन चार्ज को 3 महीने (30 जून 2026 तक) के लिए माफ कर दिया है। इससे पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। आदेश के मुताबिक पाइपलाइन बिछाने के लिए आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर अनुमति दी जाएगी अनुमति मिलते ही काम तुरंत शुरू करने के निर्देश होंगे
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को निर्देश दिया गया है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खुदाई के बाद गड्ढों को तुरंत भरा जाए आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखा जाए मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईंधन सप्लाई पर संभावित असर को देखते हुए सरकार PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाना चाहती है, ताकि भविष्य में गैस सप्लाई पर दबाव कम हो और लोगों को लगातार और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
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