भागलपुर। जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक 22 वर्षीय युवक ने आर्थिक तंगी और भविष्य की चिंता के बीच मौत को गले लगा लिया। इशाकचक थाना क्षेत्र के गुमटी नंबर-12 में रहने वाले मनीष कुमार का शव उसके किराए के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। यह घटना न केवल एक परिवार के चिराग बुझने की कहानी है, बल्कि रोजगार के लिए जूझ रहे युवाओं के मानसिक दबाव को भी दर्शाती है।
दुकान खोलने का सपना और पिता का आश्वासन
मृतक मनीष कुमार अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता था। जानकारी के अनुसार, मनीष ने गुरुवार को ही अपनी मां नीतू देवी और पिता मनोज मंडल से खुद का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा जताई थी। उसने दुकान खोलने के लिए कुछ रुपयों की मांग की थी। पिता मनोज मंडल ने उसे मना नहीं किया था, बल्कि भरोसा दिलाया था कि तीन-चार दिन रुक जाओ, मैं पैसों का इंतजाम कर देता हूं। लेकिन शायद मनीष के पास उन तीन-चार दिनों का सब्र नहीं था।
सूने घर में खौफनाक मंजर
शुक्रवार को जब परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने काम पर गए हुए थे, तब मनीष घर में अकेला था। दोपहर में जब उसकी मां वापस लौटी, तो कमरे का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मनीष फर्श पर बेसुध पड़ा था और उसके गले में गमछा कसा हुआ था। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और नशे की लत का पहलू
इशाकचक थानाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार, परिजनों ने संकेत दिया है कि मनीष नशे की लत से जूझ रहा था। संभवतः नशे और तत्काल पैसे न मिलने की हताशा में उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है।
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