कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों की जल्द ही तारबंदी की जाएगी। इस सुरक्षा परियोजना को लेकर गृह विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और धरातल पर काम शुरू हो चुका है।

​अमित शाह के दौरे और सुरक्षा रणनीति का हिस्सा

​मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि यह निर्णय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है। उन्होंने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के दौरे पर आए थे, तब उन्होंने सीमावर्ती इलाकों का विस्तृत भ्रमण किया था। उसी समय उच्च स्तरीय चर्चा के बाद यह तय किया गया था कि विदेशी घुसपैठ को पूरी तरह से रोकने के लिए इन क्षेत्रों में फेंसिंग अनिवार्य है। गृह मंत्रालय और राज्य का गृह विभाग अब इस योजना को अंतिम रूप दे रहे हैं ताकि सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।

​घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस की नीति

​बिहार की सीमाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ी होने के कारण घुसपैठ एक गंभीर समस्या रही है। जायसवाल ने जोर देकर कहा कि फेंसिंग होने से न केवल अवैध आवाजाही रुकेगी, बल्कि तस्करी और राष्ट्रविरोधी तत्वों के प्रवेश पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा के लिए एक निर्णायक कदम बताया।

​राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला

​विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष के नेता हमेशा इस फिराक में रहते हैं कि किस तरह देश की जनता को कष्ट पहुंचाया जाए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को धूमिल किया जाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा देश के विकास में बाधा डालना और नकारात्मकता फैलाना रह गया है।

​संसाधनों की कमी पर अफवाहों का खंडन

​देश में तेल और गैस की कमी की चर्चाओं को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, देश में तेल और गैस का भरपूर भंडार है, फिर भी विपक्ष जानबूझकर जनता के बीच अफवाह फैलाने में जुटा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता ऐसी राजनीति करने वालों को पहले भी सबक सिखा चुकी है और भविष्य में भी करारा जवाब देने के लिए तैयार है।