पटना। राजधानी में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 32 वर्षीय युवक ने 12 साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन थाने के भीतर और बाहर जिस तरह से मामले को दबाने की कोशिश हुई, उसने रक्षक और समाज की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​बंधक बनाकर दो बार किया रेप

​मामला मसौढ़ी निवासी आरोपी प्रिंस कुमार से जुड़ा है। आरोप है कि उसने नाबालिग को बहला-फुसलाकर मीठापुर बाईपास स्थित एक किराए के मकान में बंधक बनाया। वहां 16 और 19 मार्च को उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया गया। आरोपी ने बच्ची को डराने-धमकाने के साथ ही उसके मांग में सिंदूर भी भर दिया, ताकि मामले को दूसरा रूप दिया जा सके।

​10 लाख के ऑफर से समझौते का दबाव

​पीड़िता जब परिजनों के साथ महिला थाना पहुंची, तो वहां आरोपी की मां और बहन ने उसे घेर लिया। न्याय की आवाज दबाने के लिए परिजनों को 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का प्रलोभन दिया गया। थाने के परिसर में ही मामले को रफा-दफा करने का हाई-प्रोफाइल ड्रामा चलता रहा, लेकिन पीड़िता और उसकी मां अपने बयान पर अडिग रहीं।

​पुलिस की कार्रवाई और पॉक्सो एक्ट

​पीड़िता की मां ने बताया कि जब उन्होंने आरोपी के परिवार से शिकायत की, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। सेंट्रल एसपी दीक्षा के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी ने पुलिस के सामने खुद को बचाने के लिए लिव-इन का मनगढ़ंत तर्क दिया, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। फिलहाल मामले की गहन छानबीन जारी है।