नीरज काकोटिया, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट में ऑपरेशन फेस के तहत बड़े फर्जी सिम नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। जहां 5 चेहरे से 450 सिम अलॉट करवा लिए गए। पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए दंपति समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल पूरे प्रदेश में सायबर फ्राड से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में बालाघाट में एक ही चेहरे पर अलग नाम, पता, यूनिक नंबर सहित कई बदलाव करते हुये 5 अलग-अलग फेस लगाकर 450 फर्जी सिम जारी होने का मामला उजागर हुआ है। इसके तार भोपाल और उत्तरप्रदेश से जुड़े हैं। इसलिए एक टीम को भोपाल भेजा गया है। जिसके बाद ही इस जारी हुई फर्जी सिम का किस तरह के क्राइम में इस्तेमाल किया जा रहा था, इसका खुलासा हो सकेगा।
दरअसल, राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल ने बालाघाट पुलिस को भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के एआई आधारित फेस एनालिसिस टूल से मामले की जानकारी मिली थी। हालांकि ऐसा मामला पूरे मध्यप्रदेश सहित देश भर में हैं। बालाघाट को लेकर पुलिस ने जांच टीम गठित कर सत्यापन किया।
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि जांच में सामने आया कि संबंधित हितग्राहियों ने सिम नहीं ली है या फिर वे उसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। इस बारे में उन्हें जानकारी भी नहीं थी। लेकिन उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उसमें हेराफेरी कर नाम, पिता का नाम,पता, यूनिक नंबर सहित अन्य बदलाव करते हुए 5 चेहरे पर ही 450 सिम कार्ड जारी कर दिये गए हैं।
जानकारी जुटाने पर पता चला कि सिम बैहर और परसवाड़ा से कई कॉमन सेंटर या कियोस्क सेंटर के संचालकों ने सिम कंपनी के एजेंटों के साथ मिलकर जारी करवाई थी और इन्हें भोपाल और उत्तरप्रदेश के कुछ लोगों को उपलब्ध कराई गई है। पूछताछ और जांच में सामने आया है कि आरोपी साल 2019 से 2022 के बीच अपने-अपने क्षेत्रों में मोबाइल सिम बेचने, एक्टिवेशन, पोर्टिंग और रिपेयरिंग का काम करते थे।
आरोपियों ने ज्यादा कमीशन लेने और बिना दस्तावेज वाले ग्राहकों को सिम दिलाने के लिए सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया। जिसके लिए वे अन्य व्यक्तियों के पहचान पत्र (आधार/वोटर आईडी आदि) की फोटोकॉपी इकठ्ठा कर उनका बार-बार उपयोग करते थे। इसके बाद एडिटिंग कर फोटो और जानकरी में बदलाव करते थे। बाद में सिम एक्टिवेशन के लिए असली ग्राहक की जगह आरोपी अपनी ही लाइव फोटो अपलोड कर देते थे।
दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति के नाम के होते थे, जबकि फोटो और ओटीपी आरोपी का होता था। इस प्रकार हेरफेर कर 450 सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी कर एक्टिव किए गए थे। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने बालाघाट के बैहर निवासी दम्पत्ति महेंद्र पटले और पत्नी प्रियंका पटले समेत परसवाड़ा के खुमेश गौतम को गिरफ्तार किया है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

