Gold Silver Latest News : देश के रत्न और आभूषण क्षेत्र में एक बड़े नीतिगत बदलाव के तहत भारत सरकार ने सोने, चांदी और प्लैटिनम से बने आभूषणों के आयात पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी एक हालिया अधिसूचना के अनुसार, इन कीमती धातुओं से बने आभूषणों के लिए आयात नीति को ‘मुक्त’ (Free) श्रेणी से हटाकर ‘प्रतिबंधित’ (Restricted) श्रेणी में डाल दिया गया है।

2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में मामूली तेती देखी गई, जिसमें 100 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई। गुरुवार को चांदी की कीमत 255,100 प्रति किलोग्राम रही। इस बीच, MCX पर, 24-कैरेट सोना लगभग 2.11% गिरकर 150,470 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में दर्ज की गई ऊंचाइयों के बाद से, सोने में लगभग 2.6% की गिरावट आई है, जबकि चांदी में 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

इस बदलाव का क्या मतलब है?

इस नए नियम का सीधा असर यह होगा कि अब कोई भी व्यापारी या कंपनी सरकार की अनुमति लिए बिना विदेश से सोने, चांदी या प्लैटिनम के आभूषण आयात नहीं कर पाएगी। अब इन वस्तुओं के आयात के लिए DGFT से विशेष लाइसेंस या पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। यह प्रतिबंध इतना सख्त है कि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भले ही किसी व्यापारी ने पहले से ही कोई अनुबंध कर लिया हो या अग्रिम भुगतान कर दिया हो, फिर भी उसे नए नियमों का पालन करना होगा और आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

यह निर्णय क्यों लिया गया?

सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य ‘मुक्त व्यापार समझौतों’ (FTAs) के कथित दुरुपयोग पर अंकुश लगाना है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, कुछ आयातक भारत और आसियान (ASEAN) देशों के बीच स्थापित व्यापार समझौतों का गलत फायदा उठा रहे थे। वे थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों से रियायती शुल्क दरों पर भारी मात्रा में कीमती धातुएं भारत में आयात कर रहे थे, और इसे “सादे आभूषण” (बिना रत्नों वाले आभूषण) के आयात का रूप दे रहे थे। इस प्रथा के कारण न केवल सरकार के राजस्व का नुकसान हुआ, बल्कि घरेलू आभूषण निर्माताओं को भी अनुचित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा।

किन्हें छूट मिलेगी?

हालांकि, सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने वाली इकाइयों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। 100% निर्यात-उन्मुख इकाइयों (EOUs) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) में स्थित कंपनियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा, यह प्रतिबंध ‘रत्न और आभूषण निर्यात योजनाओं’ के तहत किए जाने वाले आयात पर लागू नहीं होगा।

उद्योग की प्रतिक्रिया

बाजार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस कदम से घरेलू सोने और चांदी की कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकता है। हालाँकि, लंबे समय में यह भारतीय आभूषण उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होगा। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार को अब लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल और सुव्यवस्थित करना चाहिए, ताकि वास्तविक और ईमानदार कारोबारी संचालकों को अपने कामकाज में किसी भी बाधा का सामना न करना पड़े।